डूंगरीकलां पंचायत के गुमानपुरा गांव में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां जमीन बेचने पर गुस्साए दो बेटों ने लाठी और सरियों से पीट-पीटकर बाप की हत्या कर दी। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
Son Murders Father in Jaipur: किशनगढ़ रेनवाल (जयपुर ग्रामीण) के गुमानपुरा गांव से रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया है। महज एक बीघा जमीन के टुकड़े के लिए दो बेटों ने अपने ही जन्मदाता को लाठी-सरियों से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया।
रविवार रात हुई इस हैवानियत के बाद पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा है और पुलिस हत्यारे बेटों की तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही है। मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान 62 वर्षीय उम्मेद सिंह के रूप में हुई है। विवाद की जड़ उम्मेद सिंह द्वारा बेची गई एक बीघा जमीन थी।
बताया जा रहा है कि उम्मेद सिंह ने बेटों की मर्जी के बिना यह जमीन बेच दी थी, जिससे दोनों बेटे शंकर सिंह और अमर सिंह बुरी तरह नाराज थे। घर में पिछले कुछ दिनों से इसी बात को लेकर तनाव चल रहा था। रविवार रात जब दोनों बेटे शराब के नशे में धुत थे, तो पिता को सामने देखकर उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
चश्मदीदों और पुलिस के अनुसार, विवाद शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोनों बेटों ने अपना आपा खो दिया। उन्होंने घर में रखे लाठी-सरिए उठाए और अपने वृद्ध पिता पर टूट पड़े। उम्मेद सिंह अपनी जान बचाने के लिए गुहार लगाते रहे, लेकिन नशे और लालच में अंधे हो चुके बेटों का दिल नहीं पसीजा।
बेटों ने उन्हें जमीन पर गिराकर लात-घूंसों और सरियों से तब तक पीटा, जब तक कि उनके शरीर की हलचल बंद नहीं हो गई। सिर और छाती पर लगी गंभीर चोटों के कारण उम्मेद सिंह ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
वारदात को अंजाम देने के बाद शंकर और अमर मौके से फरार हो गए। शोर सुनकर ग्रामीण इकट्ठा हुए और पुलिस को सूचना दी। रेनवाल थाना प्रभारी नरेश कंवर दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर रेनवाल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। सोमवार को परिजनों की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। इलाके में नाकाबंदी कर दी गई है और विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।