Trade Fair Subsidy: एमएसएमई, ‘एक जिला एक उत्पाद’ और एक्सपोर्ट पॉलिसी से बढ़ेगा वैश्विक बाजार में राजस्थान का दम। देश-विदेश के मेलों में भागीदारी पर 75% तक अनुदान, सैकड़ों उद्यमियों को मिला लाभ।
Export Promotion: जयपुर. राजस्थान के सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यमियों (एमएसएमई) के लिए राहत और अवसर की बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने छोटे उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने और उनके उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से 30 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान किया है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि यह राशि उद्यमियों को देश-विदेश में आयोजित मेलों और प्रदर्शनियों में भाग लेने के लिए आर्थिक सहायता के रूप में दी जाएगी।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की विभिन्न नीतियों—राजस्थान एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी, एमएसएमई पॉलिसी और ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना—के तहत उद्यमियों को विपणन सहयोग दिया जा रहा है। इन योजनाओं के माध्यम से भागीदारी शुल्क, स्टॉल किराया, यात्रा और अन्य खर्चों का पुनर्भरण किया जाता है, ताकि छोटे व्यवसाय भी बड़े बाजारों तक पहुंच बना सकें।
आंकड़ों के अनुसार, एमएसएमई नीति के तहत 358 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 261 को स्वीकृति दी गई। 192 लाभार्थियों को भुगतान किया जा चुका है, जबकि 80 आवेदन प्रक्रियाधीन हैं। 17 आवेदन निर्धारित मानकों पर खरे न उतरने के कारण निरस्त किए गए। वहीं, एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी के तहत 149 में से 94 उद्यमियों को भुगतान किया गया है। ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना के अंतर्गत 351 में से 306 आवेदन स्वीकृत हुए और 234 को राशि मिल चुकी है।
सरकार ने पात्रता के लिए एमएसएमई पंजीकरण, अनुमोदित मेले में भागीदारी और खर्च की रसीदें अनिवार्य की हैं। निर्यात संवर्द्धन नीति के तहत राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भागीदारी पर 75 प्रतिशत तक खर्च की भरपाई, अधिकतम 3 लाख रुपये तक, दी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच दिलाने, रोजगार सृजन बढ़ाने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाएगी। छोटे उद्योगों के लिए यह योजना ‘लोकल टू ग्लोबल’ का मजबूत सेतु साबित हो सकती है।