Govind Singh Dotasara Duplicate: जयपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के हमशक्ल नरेश सिंधी से मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। मजाकिया अंदाज में डोटासरा ने उन्हें अपना धर्म भाई बता दिया, जिसके बाद यह मुलाकात चर्चा में आ गई।
जयपुर। राजधानी की राजनीति में इन दिनों एक दिलचस्प संयोग चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के हमशक्ल के रूप में वायरल हुए नरेश सिंधी ने जब विधानसभा में उनसे मुलाकात की तो माहौल ठहाकों से गूंज उठा।
सोमवार को वे विधानसभा पहुंचे और डोटासरा से मुलाकात की। इस दौरान डोटासरा ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्होंने नरेश सिंधी को अपना धर्म भाई बना लिया है। यह सुनते ही वहां मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच हंसी का माहौल बन गया। डोटासरा यहीं नहीं रुके। उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि आने वाले पंचायत और निकाय चुनाव में जहां वे खुद प्रचार के लिए नहीं पहुंच पाएंगे, वहां नरेश सिंधी को भेजा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में उन्हें चुनाव भी लड़वाया जा सकता है।
दरअसल, नरेश कुमार सिंधी की शक्ल-सूरत डोटासरा से काफी मिलती-जुलती है। डीडवाना जिले के लाडनूं क्षेत्र में रहने वाले नरेश को पहली नजर में देखने वाला अक्सर भ्रमित हो जाता है। डोटासरा जैसी मूंछें, वही कद-काठी और बोलने का अंदाज उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की कार्बन कॉपी जैसा बनाता है।
नरेश कुमार पेशे से मेडिकल क्षेत्र में काम करते हैं और साथ ही अपना कैटरिंग व्यवसाय भी चलाते हैं। हाल ही में एक शादी समारोह में कैटरिंग के दौरान उनका वीडियो किसी ने बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो तेजी से वायरल हो गया। कई लोगों ने इसे डोटासरा का निजी वीडियो समझ लिया।
मूल रूप से जयपुर के रहने वाले नरेश पिछले करीब 20 वर्षों से लाडनूं में बस गए हैं। उनका ससुराल भी वहीं है और वे सामान्य पारिवारिक जीवन जी रहे हैं। नरेश बताते हैं कि वीडियो वायरल होने के बाद उनकी जिंदगी बदल गई है। अब जहां भी जाते हैं, लोग उन्हें घेर लेते हैं और “डोटासरा जी आओ” कहकर पुकारते हैं। वे कहते हैं कि पहले उन्हें हैरानी हुई, लेकिन अब यह देख कर आश्चर्य होता है कि कुदरत किसी को इतना मिलता-जुलता कैसे बना देती है।
विधानसभा में बजट पर बहस के दौरान कांग्रेस के गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार के वित्तीय हालात पर तंज कसा। उन्होंने कहा, भ्रष्टाचार चरम पर है। आइएएस निशा पटेल पर सीकर के डॉक्टर विजय मूंड से दो करोड़ रुपए मांगने का आरोप लगाते हुए कहा कि 45 साल का डॉक्टर डिप्रेशन में आ गया, उसकी हार्ट अटैक से मौत हो गई।
सिस्टम ने उसकी हत्या कर दी। उस डॉक्टर के छोटे-छोटे बच्चे हैं। डोटासरा ने कहा कि बजट का ज्यादातर पैसा मार्च में खर्च होता है। ब्यूरोक्रेट्स में मार्च में ही खर्चा करने ही होड़ क्यों मचती है? मार्च की लूट बंद करनी चाहिए। एक दूसरे पर हम दोषारोपण करते रहेंगे और ये ब्यूरोक्रेट कब्जे में ही नहीं आएंगे।
डोटासरा ने कहा कि दिसंबर 2025 तक बजट का 54 फीसदी पैसा खर्च हुआ। मुख्यमंत्री फिर समीक्षा किसकी कर रहे थे। अधिकारी समीक्षा बैठक में भाषण से खुश रहते हैं। राइजिंग राजस्थान में हुए 28.27 लाख करोड़ के एमओयू में से 6.15 लाख करोड़ आए। गुजरात वाले लूटकर चले जाएंगे। किसी ने गुमनाम कंपनी बना रखी है। दो चार विधायकों को छोड़कर कुछ नहीं मिल रहा। बताया जाए, राइजिंग राजस्थान से कितने लोगों को रोजगार मिला।