जयपुर

आवारा कुत्तों की समस्‍या से सुप्रीम कोर्ट तक चिंतित, निगम के पास आंकड़े भी नहीं

आखिर आयोग ने 21 दिन में सूचना देने का आदेश कर सुनवाई बंद कर दी। अब भी सूचना नहीं आई तो वह अवमानना ​​की श्रेणी में आएगा।

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Apr 28, 2026
Supreme Court Angry Over Stray Dogs But Jaipur Municipal Corporation Has No Sterilization Data RTI Mocked
जयपुर में डॉग बाइट का खतरा (पत्रिका फाइल फोटो)

जयपुर: क्या आपको पता है कि आपके गली-मोहल्ले में मौजूद आवारा कुत्तों में से कितनों का बंध्याकरण और वैक्सीनेशन हो चुका है? यदि आपको नहीं पता तो कोई बात नहीं, लेकिन यदि नगर निगम को भी नहीं पता, तो यह नगर निगम के लिए नहीं, आपके लिए चिंता की बात है! क्योंकि डॉग बाइट की घटनाएं सडक़ों पर हो रही है, नगर निगम की फाइलों में नहीं!

सूचना आयोग में जवाब तक नहीं, मुख्य सूचना आयुक्त ने दी चेतावनी

आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक चिंता जाहिर कर चुकी है। लेकिन जयपुर नगर निगम के पास आवारा कुत्तों के बंध्याकरण और टीकाकरण के आंकड़े तक नहीं है।

21 दिन में सूचना न देने पर अवमानना

सूचना के अधिकार के तहत पेश प्रार्थना पत्र पर निगम के कोई जानकारी नहीं देने मामला राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त तक पहुंचा, लेकिन जवाब नहीं आया। अब आयोग ने 21 दिन में सूचना देने का आदेश दिया। अब भी सूचना नहीं आई तो वह अवमानना ​​की श्रेणी में आएगा।

डॉग बाइट बढ़ रही हैं?

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में 13 जनवरी 2026 को नाराजगी जताते हुए इस समस्या को राज्यों और स्थानीय निकायों की विफलता कहा था। यह टिप्पणी जयपुर नगर निगम पर सटीक बैठती है। शहर में डॉग बाइट की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन निगम कुत्तों के बंध्याकरण और टीकाकरण के आंकड़े भी नहीं दे रहा।

निगम में आरटीआई को लेकर उदासीनता

जयपुर नगर निगम ने इस मामले में जयपुर के मानसरोवर क्षेत्र निवासी संजीव माथुर को आरटीआई अर्जी पर न जवाब दिया और न ही प्रथम अपील पर सुनवाई की। यहां तक ​​कि द्वितीय अपील पर राज्य सूचना आयोग को जवाब तक नहीं दिया। निगम की ओर से आयोग में भी सुनवाई के समय कोई नहीं पहुंचा। मुख्य सूचना आयुक्त एम.एल. लाठर ने इसे उदासीनता और लापरवाही मानते हुए निगम को चेतावनी दी है।

Updated on:
28 Apr 2026 07:10 pm
Published on:
28 Apr 2026 08:41 am