
हादसे के बर्बादी के निशान और पसरा सन्नाटा (पत्रिका फोटो)
Banswara Murder Case: बांसवाड़ा: बांसवाड़ा के मोटागांव थाना क्षेत्र स्थित टामटिया गांव में रविवार रात को मानवता को शर्मसार कर देने वाला मंजर देखने को मिला। एक आपसी रंजिश और उसके बाद हुई हत्या ने ऐसी चिंगारी सुलगाई कि देखते ही देखते पूरी बस्ती राख के ढेर में तब्दील हो गई।
बता दें कि भीड़ के उन्माद ने दूसरे पक्ष के करीब 40 से अधिक घरों को आग के हवाले कर दिया, जिससे गांव में दहशत का माहौल है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हत्या की खबर के बाद आक्रोशित भीड़ ने देर रात बस्ती पर हमला बोल दिया।
हमलावरों ने न केवल पक्के मकानों में तोड़फोड़ की, बल्कि कच्चे मकानों को आग लगा दी। आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते 30 से अधिक परिवारों का सब कुछ जलकर खाक हो गया। जान बचाने के लिए महिलाओं और बच्चों सहित ग्रामीणों को अंधेरे में ही जंगल और सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा।
सोमवार सुबह जब धुआं छंटा तो तबाही की तस्वीर साफ नजर आई। बस्ती में अब केवल जलती हुई लकड़ियों की गंध और सन्नाटा शेष है। जगह-जगह पलटे हुए वाहन, टूटे दरवाजे और अनाज के जले हुए ढेर बर्बादी की कहानी चीख-चीख कर कह रहे हैं। विडंबना यह है कि जिन आंगनों में कल तक बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब केवल लावारिस बकरियां और मुर्गियां घूम रही हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है। मोटागांव थाना पुलिस के साथ अतिरिक्त बल तैनात किया गया है, ताकि हिंसा को और बढ़ने से रोका जा सके।
पुलिस के आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और पलायन कर चुके परिवारों को वापस लाने व शांति व्यवस्था कायम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल, गांव की वीरानी और धधकती राख प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।
घटनाक्रम की शुरुआत रविवार शाम करीब पांच बजे से हुई, जब 25 वर्षीय गोविंद मईड़ा एक बारात से लौटकर अपने घर पहुंचा। शाम करीब छह बजे धारदार हथियारों से लैस हमलावरों ने गोविंद पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्या की खबर फैलते ही मृतक पक्ष के लोग उग्र हो गए और अंधेरा होते ही आरोपियों के घरों पर हमला बोल दिया।
आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपियों के कच्चे, टिनशेड और कवेलूपोश मकानों में आग लगा दी। हालात इतने बेकाबू थे कि भीड़ ने मौके पर पहुंची दो फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को घटनास्थल से 200 मीटर पहले ही रोक दिया, जिससे आग देर रात तक धधकती रही। इतना ही नहीं, जब मोटागांव थाना पुलिस और बस्सीआड़ा चौकी का जाब्ता मौके पर पहुंचा तो उन्मादी भीड़ ने उन पर भी पथराव कर दिया।
बिगड़ते हालात को देखते हुए एसपी सुधीर जोशी के नेतृत्व में लोहारिया, घाटोल, सदर और रिजर्व पुलिस लाइन से करीब 100 पुलिसकर्मियों का जाब्ता मौके पर भेजा गया। पुलिस के आला अधिकारी रातभर समझाइश की कोशिश करते रहे, लेकिन भीड़ ने घंटों तक शव को उठाने नहीं दिया। इस हिंसा के डर से आरोपी पक्ष के करीब 60 लोग अपने घर छोड़कर भाग निकले।
Updated on:
27 Apr 2026, 2:53 PM IST
Published on:
27 Apr 2026, 2:53 PM IST
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