
Jaipur Protest Ban: सुप्रीम कोर्ट ने जयपुर स्थित अमरूदों का बाग, अंबेडकर सर्कल और जनपथ क्षेत्र में कार्यालय समय में सभा, रैली, प्रदर्शनी व अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक के हाईकोर्ट के आदेश पर दखल से इंकार कर दिया। हाईकोर्ट ने ट्रैफिक समस्या को देखते हुए यह रोक लगाई थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को 8 सप्ताह में इस क्षेत्र में ट्रैफिक को नियंत्रित व प्रतिबंधित करने के लिए वैधानिक आदेश पारित करने की छूट दी।
न्यायाधीश पी.एस. नरसिम्हा एवं न्यायाधीश आलोक अराधे की खंडपीठ ने पूर्व राजपरिवार की संपत्तियों के संबंध में नियुक्त रिसीवर सुदर्शन कुमार मिश्रा (सेवानिवृत्त न्यायाधीश) व एसएमएस इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन की विशेष अनुमति याचिकाओं पर यह आदेश दिया।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि राज्य सरकार किसी अधिनियम के अंतर्गत कोई नया आदेश पारित करती है, तो वह न्यायिक समीक्षा के अधीन रहेगा। इन याचिकाओं में कहा गया था कि याचिकाकर्ताओं का पक्ष सुने बिना ही हाईकोर्ट ने आदेश जारी कर दिया, जबकि रिसीवर सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्त किया है।
हाईकोर्ट ने अमरूदों का बाग में सभा के कारण ट्रैफिक जाम होने से अधिवक्ताओं व न्यायाधीशों के समय पर कोर्ट नहीं पहुंच पाने व अस्पतालों तक एम्बुलेंस की आवाजाही प्रभावित होने के कारण 5 सितंबर 2018 को स्वतः संज्ञान लिया। साथ ही, आदेश दिया कि जयपुर स्थित अमरूदों का बाग तथा आसपास के क्षेत्रों में कार्यालय समय के दौरान किसी भी प्रकार की बैठक, रैली, प्रदर्शनी या अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी, अंबेडकर सर्कल से जुड़े मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक को न तो रोका जाएगा और न ही उसे अन्य मार्गों की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
हाईकोर्ट ने 8 मार्च 2019 को अपने अंतिम निर्णय में 8 सितंबर 2018 के आदेश की सख्ती से पालना कराने का निर्देश देते हुए कहा कि साइलेंस ज़ोन घोषित सभी क्षेत्रों, विशेषकर अस्पतालों, न्यायालयों और सरकारी कार्यालयों के आसपास, नियमों की प्रभावी पालना सुनिश्चित की जाए।
राज्य सरकार की अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा ने कोर्ट को बताया कि 8 सितंबर 2018 को हाईकोर्ट के आदेश की पालना में जयपुर पुलिस आयुक्त ने अमरूदों का बाग और अंबेडकर सर्कल के आसपास कार्य समय के दौरान किसी भी प्रकार की बैठक, कार्यक्रम, रैली या प्रदर्शनी की अनुमति नहीं देने व मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक की आवाजाही निर्बाध जारी रखने का निर्णय किया। वहीं सरकार इन क्षेत्रों को साइलेंस ज़ोन तथा नो-वेंडिंग जोन घोषित कर चुकी है।
जनपथ और अंबेडकर सर्किल, जयपुर के संवेदनशील संस्थागत क्षेत्र में ट्रैफिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों के नियमन से संबंधित हाईकोर्ट का आदेश यथावत रहेंगे।