जयपुर

SI भर्ती 2021 रद्द, नहीं होगी बहाली: सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, बोला- जहर वाली प्रक्रिया नहीं चलेगी

राजस्थान में सब-इंस्पेक्टर भर्ती-2021 रद्द ही रहेगी। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने ट्रेनी SI अभ्यर्थियों की SLP खारिज कर दी। कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए भर्ती प्रक्रिया पर रोक जारी रखी।

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May 04, 2026
rajasthan si recruitment 2021 cancelled (Patrika Creative Photos)

जयपुर: राजस्थान की सबसे चर्चित और विवादित सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती-2021 को रद्द करने के फैसले पर अब देश की सर्वोच्च अदालत ने भी अपनी अंतिम मुहर लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने चयनित अभ्यर्थियों (ट्रेनी SI) की ओर से दायर स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) को सिरे से खारिज कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बेहद सख्त मौखिक टिप्पणी की। कोर्ट ने साफ कहा कि जिस भर्ती परीक्षा में संस्थागत स्तर पर ही सेंधमारी हो चुकी हो। वहां सही और गलत अभ्यर्थियों की पहचान कर उन्हें अलग करना नामुमकिन है।

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'पानी के गिलास में जहर की दो-तीन बूंदें'

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान परीक्षा में हुई धांधली को लेकर एक कड़ा और सटीक उदाहरण दिया। अदालत ने कहा, अगर पानी के गिलास में दो-तीन बूंदें जहर की डल जाएं, तो आप उस जहर को पानी से अलग नहीं कर सकते। ऐसी स्थिति में पूरा गिलास ही फेंकना पड़ता है।

अदालत का सीधा मतलब यह था कि जब भर्ती प्रक्रिया में ही भ्रष्टाचार का जहर घुल चुका हो, तो उसे शुद्ध मानकर स्वीकार नहीं किया जा सकता। ऐसी दूषित चयन प्रक्रिया को कोर्ट किसी भी कीमत पर अपनी मंजूरी नहीं दे सकता है।

'दिल्ली में बैठकर राजस्थान के हालात का अंदाजा नहीं'

अदालत ने राजस्थान में लगातार हो रहे पेपर लीक और भर्ती घोटालों पर गहरी चिंता व्यक्त की। बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा, हम दिल्ली में बैठकर सीधे तौर पर यह पता नहीं कर सकते कि राजस्थान में क्या हो रहा है। लेकिन जिस तरह से हमारे सामने रोज भर्ती में गड़बड़ी के 20 मामले (आरोपियों की जमानत व अन्य याचिकाएं) आ रहे हैं, यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

सुप्रीम कोर्ट ने इस बात को रेखांकित किया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग के एक सदस्य को खुद पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। जब परीक्षा कराने वाली संवैधानिक संस्था का ही जिम्मेदार व्यक्ति गिरफ्तार हो जाए, तो यह प्रणालीगत स्तर पर बहुत गंभीर खामियों की ओर इशारा करता है। इस आरोपी सदस्य की जमानत याचिका भी सुप्रीम कोर्ट पहले ही खारिज कर चुका है।

NEET परीक्षा का दिया उदाहरण

दूषित चयन प्रक्रिया पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कोर्ट ने एक पुराना संदर्भ दिया। बेंच ने कहा कि पूर्व में NEET परीक्षा में जब 44 एमबीबीएस अभ्यर्थी गलत तरीके से पकड़े गए थे, तब भी सुप्रीम कोर्ट ने पूरी भर्ती को रद्द करने का फैसला सुनाया था।
अदालत ने स्पष्ट किया कि जब परीक्षा की शुचिता भंग होती है, तो निर्दोष और दोषी अभ्यर्थियों का पृथक्करण (सेपरेशन) ही एकमात्र कानूनी उपाय बचता है। लेकिन राजस्थान की इस एसआई भर्ती की वर्तमान परिस्थितियों में ऐसा पृथक्करण बिल्कुल भी संभव नहीं है।

हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक की कानूनी यात्रा

  • इस भर्ती परीक्षा को रद्द कराने के लिए गैर-चयनित अभ्यर्थियों ने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी है। हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक का सफर कुछ इस तरह रहा।
  • 28 अगस्त 2025: राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने सबसे पहले इस भर्ती को रद्द करने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया था और धांधली पर कड़ी नाराजगी जताई थी।
  • 4 अप्रैल 2026: हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एकलपीठ के फैसले को बिल्कुल सही माना और अपील को खारिज करते हुए फैसले को बरकरार रखा।
  • मई 2026: खंडपीठ के इसी फैसले को चयनित अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। लेकिन अब देश की सबसे बड़ी अदालत ने भी इसे खारिज कर चयनित अभ्यर्थियों की अंतिम उम्मीद पर पानी फेर दिया है।

तत्कालीन RPSC चेयरमैन को भी नहीं मिली राहत

  • इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ भर्ती ही रद्द नहीं रखी, बल्कि RPSC के तत्कालीन चेयरमैन संजय श्रोत्रिय की अपील को भी पूरी तरह खारिज कर दिया। दरअसल, श्रोत्रिय ने हाईकोर्ट की एकलपीठ द्वारा उनके खिलाफ की गई तीखी टिप्पणियों को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
  • उनकी इस याचिका को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दो-टूक कहा, आप आयोग के चेयरमैन थे। आपकी चेयरमैनशिप में ही यह सब कुछ हुआ है। यह मामला सीधे तौर पर सार्वजनिक हित से जुड़ा हुआ है। इसलिए आपके खिलाफ की गई कोई भी टिप्पणी नहीं हटाई जाएगी।
  • हाईकोर्ट की एकलपीठ ने पूर्व में अपने फैसले में यह गंभीर टिप्पणी की थी कि चेयरमैन ने ऐसे दागी सदस्य को परीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी, जिस पर पहले से ही दूसरी भर्ती के पेपर लीक करने के आरोप थे। उसी सदस्य ने इस एसआई भर्ती का पेपर 35 दिन पहले ही लीक कर दिया था।

एसआई भर्ती 2021

  • कुल 859 पदों के लिए भर्ती निकली
  • 7.97 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया
  • 3.80 लाख अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में बैठे
  • लिखित परीक्षा 13 से 15 सितंबर 2021
  • रिजल्ट 24 दिसंबर 2021
  • फिजिकल टेस्ट
  • चयनित: 20,359
  • तिथि: 12 से 18 फरवरी 2022
  • रिजल्ट: 11 अप्रैल 2022
  • इंटरव्यू
  • चयनित: 3,291
  • 9 चरणों में आयोजित
  • अवधि: 23 जनवरी से 29 मई 2023
  • फाइनल रिजल्ट
  • जारी: 1 जून 2023

इन पदों पर हुई थी भर्ती

उप निरीक्षक (आई पुलिस) 746 पद
उप निरीक्षक (आईबी) 64 पद
प्लाटून कमांडर (आरएसी) 38 पद
उप निरीक्षक (एमबीसी) 11 पद
कुल पदों की संख्या 859 पद

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Published on:
04 May 2026 04:04 pm
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