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Plots in Rajasthan: राजस्थान के 16 शहरों में भूखण्ड का बड़ा मौका, आवेदन के लिए सिर्फ 10 दिन बाकी

industrial land Rajasthan: रीको की प्रत्यक्ष आवंटन योजना का 10वां चरण शुरू, भूखण्ड लेने का मौका—सिर्फ 10 दिन शेष। 14 मई तक आवेदन, 19 मई को ई-लॉटरी—कम लागत और पारदर्शी प्रक्रिया से निवेशकों में बढ़ा भरोसा।

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जयपुर

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Rajesh Dixit

May 04, 2026

rajasthan industrial plots

Photo AI

Rajasthan Industrial Plots: जयपुर. राजस्थान में औद्योगिक निवेश को रफ्तार देने के लिए रीको की प्रत्यक्ष आवंटन योजना का 10वां चरण 1 मई से शुरू हो गया है। खास बात यह है कि आवेदन की अंतिम तिथि 14 मई है और अब केवल 10 दिन ही शेष रह गए हैं। ऐसे में औद्योगिक भूखण्ड लेने के इच्छुक निवेशकों के लिए यह सुनहरा मौका माना जा रहा है।

राज्य सरकार द्वारा निवेश को धरातल पर उतारने के प्रयासों के तहत इस योजना को मार्च 2025 में लागू किया गया था। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में निवेशकों को भरोसा दिलाया गया कि एमओयू को वास्तविक निवेश में बदला जाएगा। इसी का परिणाम है कि योजना के तहत अब तक 1662 भूखण्डों के लिए आवंटन या ऑफर लेटर जारी किए जा चुके हैं।

इस बार के चरण में निवेशकों के लिए 103 औद्योगिक क्षेत्रों में 5500 से अधिक औद्योगिक और लॉजिस्टिक भूखण्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसमें अलवर, जयपुर, कोटा, बीकानेर, अजमेर, भीलवाड़ा सहित कई प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं।

क्यों खास है यह मौका

  • आवेदन की अंतिम तिथि: 14 मई 2026
  • केवल 10 दिन शेष
  • 5500+ भूखण्ड उपलब्ध
  • 103 औद्योगिक क्षेत्र शामिल

यह है योजना की सबसे बड़ी खासियत

योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी पारदर्शी प्रक्रिया है। जिन भूखण्डों के लिए केवल एक आवेदन आएगा, उन्हें सीधे आवंटित कर दिया जाएगा। वहीं एक से अधिक आवेदन होने पर 19 मई को ई-लॉटरी के माध्यम से आवंटन किया जाएगा। इससे किसी भी प्रकार के विवाद या पक्षपात की संभावना खत्म हो जाती है।

नियमों में बड़ा बदलाव



  • पहले: चरण शुरू होने से 15 दिन पहले एमओयू जरूरी
  • अब: आवेदन की अंतिम तिथि तक एमओयू संभव
  • निवेशकों को अधिक लचीलापन


रीको ने निवेशकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब निवेशक चरण शुरू होने के बाद भी एमओयू कर सकते हैं, जिससे अधिक से अधिक उद्यमियों को भाग लेने का अवसर मिल रहा है।

जानें योजना में अब तक क्या-क्या हुआ

  • 9 चरण पूरे
  • 1662 भूखण्ड आवंटित
  • कुल क्षेत्रफल: 437 हेक्टेयर
  • भूखण्ड मूल्य: 2500 करोड़ रुपये+
  • संभावित निवेश: 18,000 करोड़ रुपये+

विशेषज्ञों का मानना है कि कम लागत पर भूखण्ड और सरल प्रक्रिया के कारण निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। यही वजह है कि रीको ने योजना की वैधता को 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दिया है।

📊 औद्योगिक भूखण्ड उपलब्धता—प्रमुख क्षेत्र

क्रमांकऔद्योगिक क्षेत्र / पार्कजिला / स्थानविशेषता
1बड़गांवआबूरोडउभरता औद्योगिक हब
2रूंध सोंखरीअलवरएनसीआर के नजदीक, निवेश के लिए अनुकूल
3माकड़वाली आईटी पार्कअजमेरआईटी एवं टेक सेक्टर के लिए खास
4बोरावास कलावा (प्रथम चरण)बालोतराटेक्सटाइल व इंडस्ट्रियल गतिविधियां
5स्पेशल पार्कबालोतराविशेष उद्योगों के लिए विकसित
6फतेहपुरा-समेलियाभीलवाड़ाटेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग हब
7सेरेमिक पार्क, गजनेरबीकानेरसिरेमिक उद्योग के लिए विशेष
8पाथरेडी व सलारपुरभिवाड़ीऔद्योगिक कॉरिडोर, एनसीआर कनेक्टिविटी
9गणेश्वरसीकरउभरता औद्योगिक क्षेत्र
10मंडा द्वितीय चरणजयपुरराजधानी क्षेत्र, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर
11माथासुलाजयपुरऔद्योगिक विस्तार क्षेत्र
12थौलाईजयपुरलॉजिस्टिक व मैन्युफैक्चरिंग के लिए उपयुक्त
13तुंगाजयपुरतेजी से विकसित हो रहा क्षेत्र
14स्टोन पार्ककोटास्टोन इंडस्ट्री के लिए विशेष
15वाटर रिसाइकलिंग पार्क, गुंडी फतेहपुरकोटापर्यावरण अनुकूल उद्योगों के लिए
16कछालियाबूंदी (कोटा)नए निवेश के लिए उभरता क्षेत्र