Real Estate Transparency: हाईकोर्ट का निर्देश: स्टाम्प ड्यूटी और शुल्क वसूली में हो पूर्ण पारदर्शिता, संपत्ति रजिस्ट्रेशन में कालाधन छिपाने पर होगी कड़ी कार्रवाई, राजस्थान में अब संपत्ति लेन-देन पर कोर्ट की कड़ी निगरानी।
Stamp Duty Compliance: जयपुर। राजस्थान में सम्पत्तियों के पंजीकरण के दौरान कालेधन (ब्लैक मनी) की रोकथाम को लेकर सुप्रीम कोर्ट और राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर पीठ ने ओमप्रकाश बनाम राज्य व अन्य 28 याचिकाओं पर 21 मई 2025 को आदेश पारित करते हुए सभी लोक कार्यालयों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे स्टाम्प ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन फीस और अन्य कानूनी शुल्कों की वसूली में परस्पर समन्वय के साथ कार्य करें।
शासन सचिव (राजस्व) कुमार पाल गौतम ने बताया कि उच्चतम न्यायालय ने 16 अप्रेल 2025 को सिविल अपील संख्या 5200/2025 (द कॉरेस्पॉन्डेंस पीबीएएनएमएस एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन बनाम बी. गुणाशेखर) में यह निर्देश जारी किया है कि यदि किसी सम्पत्ति लेन-देन में नकद भुगतान आयकर अधिनियम द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक होता है और यह जानकारी उप-रजिस्ट्रार के संज्ञान में आती है, तो उसे अनिवार्य रूप से संबंधित आयकर प्राधिकारी को सूचित किया जाना चाहिए।
यदि उप-रजिस्ट्रार इस जानकारी को छुपाते हैं या रिपोर्ट नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
गौतम ने सभी उप-रजिस्ट्रारों को चेताया है कि वे इन निर्देशों की अक्षरशः पालना करें और सभी सम्बंधित अधिनियमों राजस्थान स्टाम्प अधिनियम, भारतीय स्टाम्प अधिनियम, रजिस्ट्रेशन अधिनियम, सम्पत्ति हस्तांतरण अधिनियम, भारतीय संविदा अधिनियम एवं आयकर अधिनियम के तहत अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करें।