इन्हें मिलेंगी बसें, सीएम को शिकायत के बाद भी नहीं दिख रही कोई उम्मीद की किरण
जयपुर. 7 जुलाई की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा राजधानी व आसपास के निजी स्कूलों के लिए मुसीबत बन गई है। सरकार की ओर से लाभार्थियों को गांवों से जयपुर लाने के लिए निजी स्कूलों पर बाल वाहिनियां लगाने का दबाव बनाया जा रहा है।
परिवहन विभाग के अधिकारी इसके लिए स्कूलों से सम्पर्क कर रहे हैं और बसें लगाने की हिदायत दे रहे हैं। इस संबंध में निजी स्कूल संचालकों ने सीएम को पत्र लिखकर शिकायत भी की है। इनके अनुसार 7 जुलाई को अवकाश नहीं है। अगर सरकार बसों को ले लेगी तो बच्चे स्कूल तक कैसे पहुंचेंगे। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों पर बाल वाहिनियां देने का अधिक दबाव है।
जब सीएम के लिए लगाई
2 जुलाई को दहमी कलां स्थित राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक स्कूल में सीएम वसुंधरा राजे ने अन्नपूर्णा दूध योजना की शुरुआत की थी। कार्यक्रम में कई सरकारी स्कूलों के करीब दो हजार बच्चे लाए गए थे। इन बच्चों को लाने व ले जाने में भी निजी स्कूलों की बसें ही लगाई गई थी। करीब आधा दर्जन स्कूलों की बसें बच्चों को लाई थी।
550 बसों का लक्ष्य, बना कंट्रोल रूम
इधर, जिला कलक्टर ने आरटीओ को जयपुर और आस-पास जिलों से लाभार्थियों को लाने के लिए 550 बसों का इंतजाम करने का लक्ष्य दिया है। इन बसोंं से तकरीबन 18 हजार लाभार्थियों को लाया जाएगा। तैयारियों को लेकर बुधवार को दिनभर आरटीओ में अधिकारियों की बैठकें चलती रही। इधर बसों के संचालन को लेकर आरटीओ में एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है।
गैस आपूर्ति पर भी होगा असर, कंपनियों को लक्ष्य
प्रधानमंत्री सभा में भीड़ जुटाने को लेकर राज्य की गैस एजेंसी संचालको को भी लक्ष्य मिल गया है। राजधानी में 10 बसों में 395 लाभार्थी पहुंचाए जाएंगे। यह सभी उज्जवला योजना के लाभार्थी होंगे। डीएसओ ने एचपीसीएल, बीपीसीएल, आइओसीएल के अधिकारी और गैस एजेंसी संचालकों को उनके लाभार्थी और लाभार्थी लाने का लक्ष्य दिया गया है।
बाल वाहिनियों के तहत पंजीकृत बसें केवल बच्चों को स्कूल से लाने, ले-जाने के लिए इस्तेमाल की जा सकती हैं। मगर परिवहन विभाग के अधिकारी पीएम सभा के लिए जबरन वाहिनियों का अधिग्रहण कर रहे हैं।
-अनिल शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष, स्कूल शिक्षा परिवार