
Tikaram Jully : राजस्थान में अब तक 309 निकायों में से 303 के रिजल्ट घोषित हो चुके हैं, जिनमें से भाजपा के 2 समर्थित निर्दलीयों के साथ कुल 200, कांग्रेस के 95, निर्दलीय 6 और आप, सीपीएम, आरएलपी के 1-1 अध्यक्ष बने हैं। भाजपा ने 7 में से 6 नगर निगम में जीत कर अपने मेयर बनाए और कांग्रेस केवल बीकानेर में अपना महापौर बना पाई। इस चुनावों के रिजल्ट पर भाजपा की भजनलाल सरकार पर निशाना साधते हुए राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि चेयरमैन चुनावों में भाजपा ने बहुत बड़ी धांधली की है।
राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा कि चेयरमैन के चुनावों में भाजपा ने बहुत बड़ी धांधली की है। साम, दाम, दंड, भेद हर प्रकार की नीति अपनाकर पूरे चुनाव को कैप्चर करने की कोशिश की। नगर निकाय चुनावों में हमारा समर्थन पहले से कहीं ज्यादा है। महापौर, उप-सभापति और उपाध्यक्ष के चुनावों में परिणाम हमारे प्रत्याशियों के पक्ष में आएगे।
जूली ने आगे लिखा है कि लोकतंत्र का जो चीरहरण इन लोगों ने किया, उसकी पूरी तस्वीर आज राजस्थान की जनता के सामने आ चुकी है। जनता सब देख रही है और इसका खामियाजा इन्हें भुगतना पड़ेगा।
टीकाराम जूली ने कहा कि तिजारा में जनता का जनादेश जीता है, मुख्यमंत्री की तानाशाही हारी है। भाजपा का बोर्ड बनवाने के लिए पिछले 7 दिनों से मुख्यमंत्री ने प्रदेश में तानाशाही, गुंडागर्दी, बेईमानी, बेशर्मी और सत्ता के दुरुपयोग की सारी हदें पार कर दीं। प्रदेश की पुलिस और प्रशासन की पूरी ताकत झोंक दी, लोकतंत्र को कुचलने में कोई कसर नहीं छोड़ी लेकिन जनता के फैसले के आगे सत्ता, दबाव और तानाशाही सब धरी की धरी रह गई।
ये वही तिजारा के पार्षद हैं, जिन्हें पिछली रात हरियाणा पुलिस द्वारा जंगलों में रोककर रखा गया। लोकतंत्र की लड़ाई लड़ते हुए, तमाम संघर्षों को पार कर आज वे तिजारा पहुंचे और मतदान किया। तिजारा की जीत सिर्फ कांग्रेस की जीत नहीं है, यह जनादेश की जीत है, संघर्ष की जीत है और मुख्यमंत्री की तानाशाही पर करारा तमाचा है।
टीकाराम जूली ने कहा कि मुख्यमंत्री, पुलिस से पार्षद रोके जा सकते हैं, डराया जा सकता है, दबाव बनाया जा सकता है लेकिन जनता का जनादेश न खरीदा जा सकता है, न कुचला जा सकता है। आज तिजारा ने हिसाब कर दिया है, कल पूरा राजस्थान जनता की अदालत में आपका हिसाब करेगा।