
IMD Heavy Rain Alert: राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई जिलों में शुक्रवार को मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई और कुछ इलाकों में भारी और अतिभारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आज से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। जिसके साथ ही 8 से 10 अगस्त तक भरतपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर जिले में बारिश की चेतावनी भी जारी की है। पूर्वी राजस्थान में आगामी एक सप्ताह तक मानसून सक्रिय रहने और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
शुक्रवार को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई। वहीं पूर्वी राजस्थान में कई जगह भारी बारिश दर्ज की गई। भरतपुर, अलवर, धौलपुर, जयपुर, सीकर, करौली और सवाईमाधोपुर में भारी बारिश हुई और डीग जिले में अतिभारी बारिश रिकॉर्ड की गई। राजधानी जयपुर में भी बीते 24 घंटे के दौरान एक इंच से अधिक बारिश हुई।
जयपुर में बारिश के चलते शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली। टोंक रोड, जगतपुरा, सीकर रोड, सांगानेर और वैशाली नगर सहित अन्य इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। इससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश का दौर चलता रहा।
बारिश के आंकड़ों के अनुसार डीग में करीब साढ़े छह इंच यानी 158 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पिलानी और चूरू के राजगढ़ में करीब ढाई इंच बारिश हुई। भरतपुर के अजान बांध क्षेत्र में 80, अलवर के थानागाजी और बारां में 63-63, सीकर के श्रीमाधोपुर में 61, कोटकासिम में 50 और नीमराणा में 57 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार पूर्वी राजस्थान में आगामी एक सप्ताह तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। 8 से 10 अगस्त के दौरान भरतपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग के जिलों तथा आसपास के कुछ क्षेत्रों में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। इस दौरान पूर्वी राजस्थान के एक-दो स्थानों पर अतिभारी बारिश की भी संभावना जताई गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आसपास के पूर्वी भारत के ऊपर नया परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। इसके अगले 24 घंटे में तीव्र होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। मानसून ट्रफ लाइन श्रीगंगानगर और दिल्ली से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग के मुताबिक 15 अगस्त के बाद प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।