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राजस्थान में अब ‘फिजियोथेरेपिस्ट भर्ती’ रद्द, विवादों के बाद RPSC ने लिया फैसला, जानिए क्या है असली वजह?

RPSC Physiotherapist Bharti: आरपीएससी ने रद्द की फिजियोथेरेपिस्ट के 20 पदों पर भर्ती। 1988 में बंद हो चुके डिप्लोमा योग्यता विवाद के बाद आयोग ने लिया फैसला। जानिए अब क्या होगा आगे।
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RPSC Physiotherapist Recruitment Cancelled

RPSC Physiotherapist Recruitment Cancelled

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत फिजियोथेरेपिस्ट के 20 पदों के लिए जारी की गई भर्ती प्रक्रिया को आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया है। भर्ती विज्ञापन में मांगी गई शैक्षणिक योग्यता में 'डिप्लोमा' शर्त को लेकर उठे गंभीर सवालों और भारी विरोध के बाद आयोग को अपना यह विज्ञापन वापस लेना पड़ा है। आयोग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधीनस्थ सेवा नियम, 1965 में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया फिलहाल प्रक्रियाधीन है, जिसके कारण इस भर्ती विज्ञापन को प्रत्याहारित किया गया है।

बंद हो चुके डिप्लोमा कोर्स पर मांगी थी योग्यता

इस पूरी भर्ती में विवाद का मुख्य कारण शैक्षणिक योग्यता का गलत निर्धारण था। आरपीएससी द्वारा जारी भर्ती विज्ञापन में फिजियोथेरेपिस्ट पद के लिए 10वीं कक्षा के अलावा फिजियोथेरेपी में डिप्लोमा को अनिवार्य योग्यता रखा गया था।

हैरानी की बात यह है कि राज्य सरकार ने वर्ष 1988 में ही फिजियोथेरेपी के डिप्लोमा कोर्स को पूरी तरह बंद कर दिया था। वर्तमान में राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में फिजियोथेरेपी की डिग्री (जैसे BPT) कराई जाती है। बंद हो चुके डिप्लोमा कोर्स को योग्यता में शामिल करने से प्रदेश के हजारों डिग्रीधारी युवा इस भर्ती में आवेदन करने से वंचित हो रहे थे।

एसोसिएशन और अभ्यर्थियों ने दर्ज कराया था कड़ा विरोध

मामले के उजागर होने के बाद 'राजस्थान चार्टर्ड एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपी' ने इस भर्ती का पुरजोर विरोध किया और आयोग के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना था कि जब राज्य में दशकों से डिप्लोमा कोर्स चल ही नहीं रहा है, तो भर्ती में इसे अनिवार्य योग्यता बनाना पूरी तरह अनुचित है।

लगातार बढ़ते जन दबाव और कानूनी अड़चनों की आशंका को देखते हुए अंततः राजस्थान लोक सेवा आयोग ने भर्ती को रद्द करने का कदम उठाया।

सेवा नियमों में संशोधन के बाद जल्द आएगी नई विज्ञप्ति

आरपीएससी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधीनस्थ सेवा नियम, 1965 में संशोधन के लिए फाइल प्रक्रियाधीन है। नियम संशोधित होते ही भर्ती की शैक्षणिक योग्यता में बदलाव किया जाएगा।

वहीं, राजस्थान चार्टर्ड एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपी और अभ्यर्थियों ने मांग की है कि नियमों में जल्द से जल्द संशोधन कर डिग्रीधारी युवाओं को शामिल किया जाए। साथ ही, वर्षों से अटकी इस भर्ती में 20 पदों की संख्या को बढ़ाकर नई विज्ञप्ति तुरंत जारी की जाए ताकि राज्य के योग्य युवाओं को राहत मिल सके।