
आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट के आव्हान पर जयपुर ट्रक ट्रांसपोर्ट चैंबर व सीमेंट ट्रांसपोर्ट महासंघ ने हड़ताल को दिया समर्थन
जयपुर। प्रदेशभर में शुक्रवार सुबह छह बजे से देशभर में सड़कों पर दौड़ रहे करीब दो लाख से ज्यादा ट्रकों के चक्के थम जाएंगे। मांगों के समर्थन में आॅल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट के आव्हान पर प्रदेशभर के ट्रक ट्रांसपोर्ट आपरेटर संगठनों ने शुक्रवार सुबह छह बजे से शुरू होने जा रहे अनिश्चितकालीन चक्काजाम को समर्थन दिया है। ऐसे में आगामी दिनों में आमजन को रोजमर्रा जरूरत की चीजों के इंतजाम के लिए परेशान होना तय है।
वहीं हड़ताल के दौरान देशभर में रोजाना करीब पांच हजार करोड़ का कारोबार प्रभावित होने का अंदेशा है। जयपुर ट्रक ट्रांसपोर्ट चैंबर के प्रदेशाध्यक्ष गोपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि ट्रक आॅपरेटर्स ने गुरूवार से माल की बुकिंग बंद कर दी है।
हड़ताल में देशभर से करीब 92 लाख ट्रक, राज्य के 4 लाख 68 हजार ट्रक व एक लाख 67 हजार ट्रोलों के पहिए थम जाएंगे। प्रमुख मांगों मे पेट्रोल— डीजल को जीएसटी में शामिल करना,थर्ड पार्टी इंश्योरेंस की बढ़ी दरें वापस लेना, टेरिफ संशोधन कमेटी गठित करने व उसमें मोटर कांग्रेस के प्रतिनिधियों को शामिल करना,सालाना टोल परमिट जारी करना,टीडीएस खत्म करना व आयकर से ट्रक आॅपरेटरों को राहत देना प्रमुख है। मांगें नहीं मानने पर देशभर के ट्रक आपरेटर्स अनिश्चिकालीन चक्काजाम करेंगे। वहीं हड़ताल से देशभर में करीब 5000 करोड़ का कारोबार प्रभावित होना तय है।
बढ़ सकते हैं वस्तुओं के दाम
ट्रकों की हड़ताल से वस्तुओं की ढुलाई बंद हो जाएगी। इस कारण रोजमर्रा के काम आने वाली वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं। हड़ताल के चलते फल व सब्जियों के दामों में भी बढ़ोतरी होना तय है। हड़ताल अगर लंबी चलती है तो प्रतिदिन काम आने वाली वस्तुओं के दामों में भी उछाल आ सकता है। इस कारण इस हड़ताल का खामियाजा आमजन को भी भुगतना पड़ सकता है।