
राजस्थान की धरती पर आज खुशियों का 'त्रिकोणीय' संयोग बना है। प्रदेश के तीन सबसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर- उदयपुर, बीकानेर और नागौर - आज (19 अप्रैल, 2026) अपना स्थापना दिवस मना रहे हैं। इन तीनों ही शहरों की स्थापना 'अक्षय तृतीया' (आखा तीज) के मंगल अवसर पर हुई थी। आज जहाँ उदयपुर अपनी 473वीं वर्षगांठ मना रहा है, वहीं बीकानेर अपनी 539वीं और नागौर अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को याद कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने तीनों जिलों के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए अपनी शुभकामनाएं साझा की हैं:
नागौर के लिए: "शौर्य, भक्ति और त्याग की अमर गाथाओं को समेटे 'अहिछत्रपुर' नगरी नागौर को बधाई।"
उदयपुर के लिए: "अदम्य साहस और स्वाभिमान के प्रतीक उदयपुर को हार्दिक शुभकामनाएं।"
बीकानेर के लिए: "वीरता, भक्ति और शक्ति के संगम बीकानेर के स्थापना दिवस की बधाई।"
मेवाड़ के 54वें शासक महाराणा उदय सिंह द्वितीय (महाराणा प्रताप के पिता) ने चित्तौड़गढ़ पर मुगलों के बढ़ते खतरों को देखते हुए नई राजधानी की खोज की थी।
जोधपुर के संस्थापक राव जोधा के पुत्र राव बीका ने अपने पिता की एक चुनौती को स्वीकार कर 'जांगलदेश' में अपना नया साम्राज्य स्थापित किया।
नागौर राजस्थान के सबसे प्राचीन शहरों में से एक है, जिसका जिक्र चौथी शताब्दी ईसा पूर्व से मिलता है।