जयपुर

UGC New Guidelines : यूजीसी के नए नियम पर मचा बवाल, करणी सेना ने चेताया, राजस्थान में एस-4 का हुआ गठन, जानिए क्यों?

UGC New Guidelines : राजस्थान में यूजीसी के नए नियम को लेकर बवाल मच गया है। श्री राजपूत करणी सेना व मारवाड़ राजपूत महासभा ने केंद्र व राज्य सरकार को चेताया। करणी सेना ने कहा यह कानून सवर्ण समाज को दबाने के लिए लाया गया है। इसी बीच राजस्थान में यूजीसी के कदम के खिलाफ एस-4 का गठन किया गया है।
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UGC New Guidelines sparked controversy Karni Sena issued warning know why formed S-4 in Rajasthan
फाइल फोटो पत्रिका

UGC New Guidelines : राजस्थान में यूजीसी के नए नियम को लेकर बवाल मच गया है। करणी सेना व मारवाड़ राजपूत महासभा ने केंद्र व राज्य सरकार को चेताया। श्री राजपूत करणी सेना के जोधपुर अध्यक्ष मानसिंह मेड़तिया ने कहा, यह कानून सवर्ण समाज को दबाने के लिए लाया गया है। हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे। जल्द रणनीति बनाकर प्रदर्शन करेंगे। सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर इन नियमों में बदलाव नहीं किया गया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

श्री राजपूत करणी सेना के प्रदेश सचिव व संवाद प्रभारी जोधपुर मानसिंह मेड़तिया ने यह भी एलान किया कि 1 फरवरी को जोधपुर बंद किया जाएगा। जिसमें करणी सेना के साथ-साथ अन्य सामाजिक संगठन की भी हिस्सेदारी रहेगी।

श्री राजपूत करणी सेना के जोधपुर अध्यक्ष मानसिंह मेड़तिया। फोटो पत्रिका

नया कानून झूठे मामलों में फंसा सकता - मारवाड़ राजपूत महासभा

यूजीसी के नए नियम को मारवाड़ राजपूत महासभा के अध्यक्ष हनुमान सिंह खांगटा ने पूरी तरह गलत बताया और कहा, इस नियम में सवर्ण समाज को दबाया जा रहा है। यदि जल्द बदलाव नहीं हुआ तो हम आंदोलन करेंगे। हनुमान सिंह खांगटा ने आगे कहा, जनरल होना कोई अपराध नहीं है, लेकिन यह कानून हमें झूठे मामलों में फंसा सकता है।

राजस्थान में एस-4 का गठन

इसी बीच राजस्थान के लिए यूजीसी के कदम के खिलाफ एस-4 का गठन हुआ है। जिसमें ब्राह्मण, राजपूत, वैश्य और कायस्थ संगठन एक साथ आए हैं। इस बीच स्वामी आनंद स्वरुप ने X पर एक वीडियो पोस्ट लिखा कि जयपुर में समस्त करणी सेना, कायस्थ महासभा, ब्राह्मण संगठनों और वैश्य संगठनों के साथ मिलकर एक समन्वय समिति का गठन किया गया है जिसका नाम होगा सवर्ण समाज समन्वय समिति, जो देश भर में काम करने वाले समस्त सवर्ण संगठनों (सामान्य श्रेणी) के बीच समन्वय बनाने के लिए कार्य करेगी । जरूरत है आज की यदि सभी सवर्ण संगठन एक नहीं हुवे तो पतन निश्चित होगा और यदि एक हो गए तो धनानंद का विनाश हो जाएगा।

केंद्र सरकार कर सकती है संशोधन

जोधपुर के वरिष्ठ शिक्षाविद प्रो. डॉ. क्षितिज महर्षि ने कहा लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सबको है, पर यूजीसी-2026 को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। यह गाइडलाइन देशभर के पिछले 5 साल के आंकड़ों के अध्ययन के बाद लाया गया है। अगर भविष्य में इसमें बदलाव की जरूरत पड़ी, तो केंद्र सरकार उसमें संशोधन कर सकती है।

Updated on:
27 Jan 2026 02:58 pm
Published on:
27 Jan 2026 01:57 pm