केन्द्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंडेक्स में भारत को दुनिया के टॉप-3 देशों में शामिल किया गया है।
जयपुर। केन्द्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंडेक्स में भारत को दुनिया के टॉप-3 देशों में शामिल किया गया है। अमरीका, चीन के साथ अब भारत भी एआई के उपयोग, विकास और रिसर्च में अग्रणी देश बनकर उभरा है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के एआई इंडेक्स में यह उपलब्धि सामने आई है। यह भारत की मजबूत आईटी इंडस्ट्री और तकनीक आधारित नीतियों का परिणाम है, जिसमें राजस्थान की भूमिका भी लगातार बढ़ रही है।
जयपुर में आयोजित डिजिफेस्ट के तहत हुई एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े वैष्णव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर राजस्थान को टेक्नोलॉजी और एआई का बड़ा हब बनाने का रोडमैप तैयार कर रही हैं। उन्होंने घोषणा दोहराई कि, जयपुर में जल्द ही एक बड़े डेटा सेंटर का भूमि पूजन किया जाएगा।
इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से समय भी मांगा है। खास यह भी है कि देश में एआई स्किलिंग के लिए 10 लाख युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसकी शुरुआत भी मंत्री ने जयपुर से की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केन्द्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, प्रदेश के आइटी मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने भी एआई की जरूरत को साझा किया।
-एआई स्किलिंग: जैसे 5जी का रोलआउट दुनिया में सबसे तेज रहा और 300 से अधिक विश्वविद्यालयों में सेमीकंडक्टर टैलेंट डवलपमेंट हो रहा है, उसी तरह एआई स्किलिंग भी तेज गति और बड़े पैमाने पर आगे बढ़ाई जाएगी।
-पश्चिमी देश मुनाफा कमा रहे, भारत का अलग मॉडल : पश्चिमी देशों की बड़ी कंपनियां एआई सेवाएं किराए पर देकर मुनाफा कमा रही हैं, जबकि भारत कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाली तकनीक विकसित कर रहा है, ताकि इसका लाभ आम लोगों और उद्योगों तक पहुंचे।
-राजस्थान की एआई पॉलिसी की सराहना: इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर और एआई को लेकर राजस्थान सरकार के कदम राज्य को आने वाले समय में बड़ा टेक्नोलॉजी हब बनाने से जोड़ा।
-5000 युवाओं को स्किल ट्रेनिंग: इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए 5000 युवाओं को प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम लघु उद्योग भारती, सीआईआई और आइसीइए के सहयोग से तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं, जल्द परिणाम दिखेंगे।