राजस्थान में ब्यूरोक्रेसी को नए मुखिया मिल गए है। अब नए मुख्य सचिव वी श्रीनिवास होंगे।
राजस्थान में ब्यूरोक्रेसी को नए मुखिया मिल गए है। अब नए मुख्य सचिव वी श्रीनिवास होंगे। कार्मिक विभाग की ओर से इसके लिए आदेश जारी किए गए है। इसके साथ अध्यक्ष राजस्थान राज्य खान एवं खनिज निगम लिमिटेड राजस्थान उदयपुर एवं मुख्य आवासीय आयुक्त नई दिल्ली के पद का अतिरिक्त कार्यभार भी संभालेंगे। संयुक्त शासन सचिव डॉ धीरज कुमार सिंह की ओर से आदेश जारी किए गए है। वर्तमान मुख्य सचिव सुधांश पंत के तबादला आदेश शुक्रवार को आदेश जारी हो गए थे। सोमवार को नए मुख्य सचिव की जॉइनिंग होगी।
वी श्रीनिवास सितंबर 2026 में रिटायर होंगे। ऐसे में अब वह मुख्य सचिव के पद पर केवल 10 महीने रहेंगे। सरकार के पास एक्सटेंशन का भी विकल्प है। केंद्र सरकार चाहे तो छह-छह महीने के दो एक्सटेंशन भी दे सकती है। पहले भी कई मुख्य सचिवों को एक्सटेंशन मिलते रहे हैं।
वी श्रीनिवास पूर्व पीएम पीवी नरसिम्हा राव के रिश्तेदार हैं। उनकी पत्नी राव की रिश्ते में दोहिती हैं। श्रीनिवास बड़े पदों पर रहे हैं। अटल बिहारी वाजपेयी की अगुआई वाली एनडीए सरकार में वे तत्कालीन विदेश मंत्री और वित्त मंत्री जसवंत सिंह के निजी सचिव रहे थे। इसके बाद वे इंटरनेशनल मोनेटरी फंड वाशिंगटन में भारत के कार्यकारी निदेशक के तकनीकी सहायक रहे।
प्रदेश में इस समय सुबोध अग्रवाल सबसे वरिष्ठ आइएएस हैं। सुबोध अग्रवाल अगले माह दिसंबर में सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। वी श्रीनिवास आइएएस वरिष्ठता सूची में दूसरे नंबर पर है। अग्रवाल के सेवानिवृत्त होने के बाद जनवरी में वे आइएएस की वरिष्ठता सूची में पहले नंबर पर होंगे।
श्रीनिवास ने आईएएस करियर 1989 में भीलवाड़ा एसडीओ पद से शुरू किया। इसके बाद वे निंबाहेड़ा एसडीओ भी रहे। 1995 से 1998 तक जलग्रहण विकास और मृदा संरक्षण विभाग के निदेशक रहे। पाली और जोधपुर के कलेक्टर रह चुके हैं। श्रीनिवास 30 दिसंबर 1997 से 23 मार्च 1999 तक पाली और 20 मार्च 1999 से 30 दिसंबर 99 तक जोधपुर के कलेक्टर रहे। इसके बाद 28 अक्टूबर 1999 से 7 जुलाई 2000 तक वे वित्त विभाग के उपसचिव रहे।