राहुल गांधी के बयान पर राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का फूटा गुस्सा! पीएम मोदी और अमित शाह पर टिप्पणी को बताया निंदनीय, तत्काल माफी मांगने की उठाई मांग।
देश की राजनीति का पारा एक बार फिर सातवें आसमान पर है। कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ दिए गए एक ताजा बयान के बाद बीजेपी के तमाम दिग्गज नेता हमलावर हो गए हैं। इसी कड़ी में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस पूरे मामले पर मोर्चा संभालते हुए राहुल गांधी को उनके इस आचरण के लिए बुरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया है। वसुंधरा राजे ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत और बेहद नपे-तुले लेकिन तीखे शब्दों वाले पोस्ट के जरिए कांग्रेस और राहुल गांधी की राजनीतिक समझ और उनकी भाषा शैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। राजे के इस कड़े रुख के बाद राजस्थान कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं के बीच भी जुबानी जंग बेहद तेज हो गई है।
वसुंधरा राजे ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट की शुरुआत लोकतांत्रिक मर्यादाओं की याद दिलाते हुए की। उन्होंने लिखा कि भारतीय लोकतंत्र में एक-दूसरे की नीतियों का विरोध करना और वैचारिक मतभेद होना एक बहुत ही सामान्य और स्वाभाविक बात है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कोई नेता देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के लिए अभद्र या अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने लगे।
पूर्व सीएम ने अपने पोस्ट में साफ तौर पर लिखा, "प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के प्रति राहुल गांधी की अमर्यादित टिप्पणी अत्यंत निंदनीय और आपत्तिजनक है।"
उन्होंने आगे जोड़ा कि इस प्रकार की अमर्यादित शब्दावली भारत की समृद्ध और सभ्य राजनीतिक परंपराओं के बिल्कुल भी अनुरूप नहीं है। नेताओं को अपनी भाषा की मर्यादा कभी नहीं भूलनी चाहिए।
अपने इस डिजिटल वार में वसुंधरा राजे ने केवल भाषा पर ही बात नहीं की, बल्कि उन्होंने मोदी-शाह की जोड़ी द्वारा देश हित में लिए गए बड़े फैसलों और सुरक्षा तंत्र का भी पुरजोर उल्लेख किया। राजे ने राहुल गांधी की सोच पर सवाल उठाते हुए जनता के सामने एक बड़ा नैरेटिव सेट करने का प्रयास किया है।
वसुंधरा राजे ने कांग्रेस को आईना दिखाते हुए लिखा, "जिनके नेतृत्व में भारत की अखंडता को चुनौती देने वाली शक्तियों के विरुद्ध सख्त और निर्णायक कार्रवाई की गई, उनके प्रति इस प्रकार की भाषा का प्रयोग गंभीर प्रश्न खड़े करता है। क्या देश की सुरक्षा और एकता को सुदृढ़ करने वाले प्रयासों को इस तरह कमतर आंकना उचित है, या फिर उन नीतियों पर विचार होना चाहिए जिन्होंने पिछली चुनौतियों को दूर कर देश को मजबूत बनाया?"
राजे का इशारा साफ तौर पर जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति, आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे उन ऐतिहासिक कदमों की तरफ था, जिसने वैश्विक पटल पर भारत को एक बेहद मजबूत राष्ट्र के रूप में स्थापित किया है।
वसुंधरा राजे ने अपने बयान के अंतिम हिस्से में देश की जनता की सूझबूझ और उनकी सजगता पर पूरा भरोसा जताया। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि आज का भारत और देश के नागरिक बेहद जागरूक हैं। वे यह अच्छी तरह देख रहे हैं कि कौन देश को मजबूत करने के लिए दिन-रात काम कर रहा है और कौन सिर्फ राजनीति चमकाने के लिए ओछे बयानों का सहारा ले रहा है।
तत्काल माफी की मांग: राजे ने बहुत ही कड़े और स्पष्ट शब्दों में अपने पोस्ट का अंत करते हुए लिखा- "देश की सजग जनता सब देख रही है और हर पहलू को भली-भांति समझती है। राहुल गांधी इस अनुचित टिप्पणी पर तत्काल माफी मांगें!"
जयपुर के वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि वसुंधरा राजे जब भी राष्ट्रीय मुद्दों पर इस तरह का मुखर स्टैंड लेती हैं, तो उसके गहरे राजनीतिक मायने होते हैं। राजस्थान की राजनीति में वे एक ऐसी नेता हैं जिनकी बात को केंद्रीय नेतृत्व से लेकर आम जनता तक बहुत गंभीरता से सुना जाता है।