पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने पूरे परिवार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है, और हर बार की तरह इस बार की मुलाक़ात के भी कई मायने निकाले जा रहे हैं। सामने आई मुलाक़ात की तस्वीरों ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में कयासों का बाजार एक बार फिर गरम कर दिया है।
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके नई दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात की। अपने जन्मदिन (8 मार्च) और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के ठीक अगले दिन हुई इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान राजे के साथ उनके पुत्र और झालावाड़-बारां सांसद दुष्यंत सिंह, पुत्रवधू निहारिका राजे और उनके पौत्र-पौत्री भी मौजूद रहे।
करीब 45 मिनट तक चली इस बैठक में पीएम मोदी ने वसुंधरा राजे को जन्मदिन की बधाई दी। हालांकि, प्रधानमंत्री से मुलाक़ात की तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स तक में सबसे ज्यादा चर्चा उनके पौत्र विनायक प्रताप सिंह को लेकर हो रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस पारिवारिक मुलाकात के जरिए विनायक प्रताप सिंह की सक्रिय राजनीति में एंट्री की जमीन तैयार की जा रही है। राजे परिवार की तीसरी पीढ़ी का पीएम मोदी से इस तरह मिलना भविष्य के बड़े बदलावों की ओर इशारा करता है।
मुलाकात की वायरल तस्वीरों में वसुंधरा राजे की बहू निहारिका राजे व्हीलचेयर पर नजर आ रही हैं। वह लंबे समय से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही हैं। पीएम मोदी ने विशेष रूप से निहारिका राजे की सेहत के बारे में जानकारी ली और परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
कुछ दिन पहले ही वसुंधरा राजे की गृह मंत्री अमित शाह से एक 'गुप्त' मुलाकात की खबरें आई थीं। अब प्रधानमंत्री से सपरिवार मिलना इस बात की पुष्टि करता है कि राजे को दरकिनार करना फिलहाल पार्टी के एजेंडे में नहीं है। राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर तीन बड़े सवाल तैरने लगे हैं:
भजनलाल सरकार के गठन के बाद से ही यह माना जा रहा था कि राजस्थान में वसुंधरा युग का अंत हो रहा है, लेकिन दिल्ली में उनकी बढ़ती सक्रियता ने इन दावों पर सवालिया निशान लगा दिया है। झालावाड़-बारां से सांसद दुष्यंत सिंह की राष्ट्रीय राजनीति में भूमिका और विनायक प्रताप सिंह की लॉन्चिंग को लेकर भाजपा आलाकमान के साथ तालमेल बिठाने की कोशिशें तेज दिख रही हैं।
जयपुर से लेकर दिल्ली तक इस मुलाकात के मायने निकाले जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि वसुंधरा राजे ने सही समय पर अपनी स्थिति को मजबूत किया है।