Galta Teerth Ropeway Jaipur: अरावली की सुरम्य पहाड़ियों के बीच गालव ऋषि की तपोस्थली गलता तीर्थ में रोप-वे का संचालन शुरू करने के लिए रूपरेखा तैयार करने संबंधी निर्देशों के बाद हलचल तेज हो गई है। जल्द ही प्रशासनिक स्तर पर रूपरेखा तैयार की जाएगी।
जयपुर। अरावली की सुरम्य पहाड़ियों के बीच गालव ऋषि की तपोस्थली गलता तीर्थ में रोप-वे का संचालन शुरू करने के लिए रूपरेखा तैयार करने संबंधी निर्देशों के बाद हलचल तेज हो गई है। तीर्थ में विभिन्न कार्यों के लिए डीपीआर तैयार करने सहित धार्मिक पर्यटन को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में यह प्रस्ताव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जल्द ही प्रशासनिक स्तर पर पूरी प्रारंभिक रूपरेखा तैयार की जाएगी। खोले के हनुमानजी के बाद जयपुर शहर का दूसरा रोप-वे शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं का तीर्थाटन में समय बचेगा। साथ ही धार्मिक पर्यटन एक्सपीरियंस टूरिज्म में तब्दील होगा।
जिला प्रशासन और देवस्थान विभाग के अधिकारियों के मुताबिक श्रद्धालुओं की अधिक आवाजाही वाले दिल्ली रोड गलता गेट से आमागढ़ की पहाड़ी होते हुए हुए गलता जी तक रोप वे बनाया जाएगा। यहां एक व्यू पॉइंट भी बनाया जाएगा। शहरवासियों के लिए नया अनुभव होगा। आगामी 15 दिन में डिजाइन फाइनल हो जाएगी।
—1.5 से 2.5 किमी. के बीच रोप-वे की कुल लंबाई, पहाड़ी के भूगोल और पर्यावरणीय मानकों को ध्यान में रखते हुए होगी तय
—25 मिनट का समय घटकर पांच से दस मिनट हो जाएगा (गलता कुंड तक पहुंचने में)
— बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगजनों को गलता दर्शन में होगी आसानी
आमेर और नाहरगढ़ किले जाने वाले देशी-विदेशी पर्यटक रोप-वे से कम समय में गलता तीर्थ जा सकेंगे। पर्यटकों और शहरवासियों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सौंदर्यीकरण के कार्य होने से तीर्थ का वैभव ओर बढ़ेगा। श्रावण मास से पहले कुंडों की सफाई और वानर सेना के लिए विशेष स्थान भी बनेगा। पार्किंग एरिया भी विकसित होगा।
दिल्ली रोड स्थित खोले के हनुमानजी मंदिर में करीब 436 मीटर लंबे रोप-वे से महज चार से पांच मिनट में वैष्णो माता मंदिर पहुंच रहे हैं। शहर में धार्मिक पर्यटन का नया केंद्र बना है। कई पर्यटक व शहरवासी जयपुर शहर के विहंगम दृश्य के साथ ही अरावली पर्वतमाला के खूबसूरत दृश्य भी देखने के लिए रोप-वे का इस्तेमाल कर रहे हैं। शनिवार और रविवार को एक हजार से अधिक लोग रोप वे से सफर कर रहे हैं।
गलता तीर्थ का पौराणिक महत्व खास है। इसे ध्यान में रखते हुए डीपीआर जल्द बनेगी। संबंधित विभागों को कई दिशानिर्देश दिए गए हैं। तीर्थ के जीर्णोद्धार और रखरखाव होने से तीर्थ का सौंदर्यीकरण देखने लायक रहेगा। तीर्थ के इतिहास से भी रूबरू होने का मौका मिलेगा।
-संदेश नायक, जिला कलेक्टर, जयपुर और प्रशासक गलता तीर्थ