
जयपुर। राजस्थान कांग्रेस में पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह और प्रदेश नेतृत्व के बीच चल रहा विवाद अब खुले टकराव में बदलता दिख रहा है। कांग्रेस की अनुशासन समिति की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद विश्वेंद्र सिंह ने फेसबुक पोस्ट के जरिए तीखा पलटवार किया है। उन्होंने अनुशासन समिति के चेयरमैन और पूर्व कैबिनेट मंत्री उदयलाल आंजना को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें किसी की नसीहत की जरूरत नहीं है। विश्वेंद्र ने साफ कहा कि पार्टी अपने स्तर पर कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है और वह अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर स्वतंत्र हैं।
विश्वेंद्र सिंह ने फेसबुक पोस्ट में राजस्थान कांग्रेस कमेटी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए लिखा- 'आंजना जी, पहले आपके नोटिस का जवाब देना चाहिए या पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने मुझको लेकर जो बयान दिया है, उस पर कोई प्रतिक्रिया देनी चाहिए।'
उन्होंने आगे लिखा कि एक तरफ गोविंद सिंह डोटासरा उन्हें अपने बड़े भाई के रूप में देख रहे हैं, जबकि दूसरी ओर अनुशासन समिति की ओर से उनके खिलाफ नोटिस जारी किया जा रहा है। विश्वेंद्र ने लिखा कि इस स्थिति को लेकर वह और उनके समस्त कार्यकर्ता 'किंकर्तव्यविमूढ़' हैं।
विश्वेंद्र सिंह ने अपने जवाबी तेवर और स्पष्ट करते हुए लिखा कि 'आप अपनी कार्यवाही के लिए स्वतंत्र हैं और मैं राजनीतिक भविष्य को लेकर स्वतंत्र हूं।' उन्होंने कहा कि वह हमेशा मर्यादा और अनुशासन में रहे हैं। साथ ही आंजना को संबोधित करते हुए लिखा कि 'उम्र के इस पड़ाव पर शायद मुझे किसी की नसीहत की जरूरत नहीं है।'
उनका यह बयान कांग्रेस के कारण बताओ नोटिस के तुरंत बाद आया है। पार्टी ने उन्हें सात दिन के भीतर नोटिस में लगाए गए आरोपों पर जवाब देने को कहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि विश्वेंद्र लंबे समय से पार्टी कार्यक्रमों और बैठकों से दूरी बनाए हुए हैं, निकाय चुनाव में संगठन का सहयोग नहीं किया और सोशल मीडिया के जरिए जिला अध्यक्षों तथा प्रदेश नेतृत्व पर सवाल उठाए।
विश्वेंद्र सिंह और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच विवाद हालिया नगर निकाय चुनाव में भरतपुर और डीग क्षेत्र में पार्टी के प्रदर्शन को लेकर सामने आया। विश्वेंद्र ने जिला संगठन और टिकट वितरण पर सवाल उठाए थे। इसके बाद उनके बयान लगातार तीखे होते गए और उन्होंने डोटासरा की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए।
इसी दौरान विश्वेंद्र ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस को 'अलविदा' कहने की बात लिखी थी। हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने पार्टी से औपचारिक इस्तीफा नहीं दिया है और अपनी बात रखने के लिए यह कदम उठाया था।
विश्वेंद्र सिंह के आरोपों पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी प्रतिक्रिया दी थी। डोटासरा ने कहा था कि जो भी उनके परिवार पर आक्षेप लगाएगा, उसके पीछे 'भाजपा का टूलकिट काम कर रहा' है। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया से कोई धारणा नहीं बनाई जा सकती और मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई जा सकती है।
अब कारण बताओ नोटिस के बाद विश्वेंद्र सिंह का ताजा पलटवार इस विवाद को एक और चरण में ले गया है। उनकी पोस्ट से साफ है कि फिलहाल उनका रुख पीछे हटने के बजाय अपने सवालों और राजनीतिक स्वतंत्रता को लेकर मुखर रहने का है। अब देखने वाली बात यह होगी कि कांग्रेस नोटिस जारी करने के बाद इस मामले में आगे क्या एक्शन लेती है।