जयपुर

Rajasthan Politics: ‘चापलूसी न मेरे खून में, ना ही कभी करूंगा’,  पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह का नया ‘सियासी बम’! कांग्रेस में फिर हड़कंप

सोशल मीडिया पर संदेश में विश्वेंद्र सिंह ने लिखा कि जिस पार्टी ने देश पर लंबे समय तक राज किया, आज उसकी स्थिति यह हो चुकी है कि...
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Oct 09, 2026
vishvendra singh resigns from congress rajasthan political crisis
Vishvendra Singh - File PIC

राजस्थान कांग्रेस के भीतर चल रहा अंदरूनी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है और पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह के तेवर लगातार आक्रामक बने हुए हैं। पिछले दिनों प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पार्टी लाइन से अलग हटकर दिए गए बयानों के बाद अनुशासन समिति ने विश्वेंद्र सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसमें उन्हें सात दिन के भीतर अपना जवाब देने को कहा गया था। तयशुदा सात दिन की अवधि पूरी होने के बाद भी पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने इस नोटिस का कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

इस बीच, नोटिस पर चुप्पी साधे रहने के बाद विश्वेंद्र सिंह ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर एक लंबी-चौड़ी और बेहद तीखी पोस्ट साझा कर सियासी गलियारों में नया भूचाल ला दिया है। उनकी इस नवीनतम पोस्ट ने पार्टी के भीतर चल रही बैचेनी को और अधिक बढ़ा दिया है, क्योंकि इसमें उन्होंने संगठन की कार्यप्रणाली और मौजूदा राजनीतिक हालातों पर बेहद बेबाक टिप्पणियां की हैं।

ये लिखा सोशल मीडिया पोस्ट में

''बड़े खेद के साथ कहने/लिखने को मजबूर हूं कि जिस पार्टी ने 60 साल तक देश पर राज किया उसका आज की तारीख में राजस्थान में कोई धनी धोरी नहीं है, वह राम भरोसे हो गई है,इसके नेता जिस डाल पर बैठते हैं उसे ही काटते हैं,स्वाभिमानी व्यक्तियों का अब इसमें दम घुट रहा है,प्रदेश कॉंग्रेस के कर्ताधर्ताओं को अहम और वहम की राजनीति से बाहर निकलना होगा अन्यथा रहा सहा सब खत्म हो जाएगा,अब इस पार्टी में वरिष्ठता का कोई मान-सम्मान नहीं है,युवाओं के लिए कोई मार्ग-दर्शन करने वाला नहीं है, नारी शक्ति को आगे बढ़ाने की कोई सोच नहीं है जिस पर आलाकमान को ध्यान देना चाहिए,मैंने पहले भी कई मंचों पर एक बात पुरज़ोर ढंग से कही है कि मैं मेरे इष्ट श्री गिरिराज धनी का सेवक हूं,हमेशा सही का साथ दिया,सही के साथ खड़ा रहा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनता जनार्दन की आवाज़ को परम पिता परमेश्वर का आदेश मान कर सेवा की और अंतिम साँस तक करूंगा,विधायक, सांसद, मंत्री सहित सार्वजानिक जीवन में जो भी जिम्मेदारी मिली पूरी ईमानदारी, निष्ठा और कर्तव्य परायणता के साथ निभाई झूंठ,फरेब और बेईमानी से कोसों दूर रह कर धर्म की राह पर रहा और स्वच्छ राजनीति की..जो बोला मुह पर बोला जो किया जनहित में किया अपने पुरखों की मान, मर्यादा को ध्यान में रख कर ही फैसले लिए,नेकी, सेवाभाव, सहजता और सरलता की जो विरासत मुझे मिली उसे आगे बढ़ाया,अपने स्वाभिमान के साथ कभी समझौता नहीं किया, जीवन में अंतरात्मा की आवाज़ सुन कर ही निर्णय लिए वफादारों के साथ रहा,वफादारी की मुझे कई बार कीमत भी चुकानी पडी लेकिन उसकी परवाह किए बिना अपने उसूल और आदर्शों पर कायम रहा, कार्यकर्ताओं के बीच रहा और रहूँगा,चापलूसी न मेरे खून में है ना ही कभी करूंगा,जीवन भर एक अनुशासित सिपाही रहा और रहूँगा,पाक साफ़ राजनीति की, आगे भी वही करूंगा,बेदाग सार्वजानिक जीवन रहा और रहेगा,मेरे चाल, चरित्र और चेहरे में कोई फर्क़ नहीं रहा और ना ही रहेगा,जीवन खुली किताब था है और रहेगा,छल ,कपट से हमेशा दूर रहा,मेरे दिल और घर के दरवाज़े मेरे कार्यकर्ताओं के लिए 24x7 खुले थे,हैं और रहेंगे

जीवन के इस आखिरी पड़ाव पर किसी से कोई अपेक्षा नहीं है,जीवन देव तुल्य जनता के काम करने में बिताया अंतिम साँस तक वही करूंगा उसकी ऐवज में केवल जनता का प्यार और मोहब्बत चाहिए बाकी गिरिराज महाराज ने जो भी दिया उसका उनका आशीर्वाद और प्रसाद मान कर ग्रहण किया जिसके लिए मैं दिल की गहराईयों से कृतज्ञ हूं,आगे भी मेरे इष्ट से यही प्रार्थना है कि मुझे सत्य की राह पर रखना, अपनों के साथ ही रखना,अपने राजनीतिक भविष्य का फैसला भी देव तुल्य जनता जनार्दन पर ही छोड़ रहा हूं जैसा भी जो भी उनका आदेश होगा वह शिरोधार्य होगा

भोले बाबा के चरणों में वंदन

गिरिराज महाराज की जय

जय हिंद

भरतपुर संभाग की मेरी प्रिय जनता को मेरा सादर प्रणाम''

"कांग्रेस आज रामभरोसे हो गई है, नेताओं की आपसी जंग जारी"

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए अपने इस संदेश में विश्वेंद्र सिंह ने बड़े खेद के साथ लिखा कि जिस पार्टी ने देश पर लंबे समय तक राज किया, आज उसकी स्थिति यह हो चुकी है कि राजस्थान में उसका कोई धनी-धोरी नहीं बचा है और यह पूरी तरह 'रामभरोसे' चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के नेता जिस डाल पर बैठते हैं, उसी को काटने का काम कर रहे हैं और आज की तारीख में स्वाभिमानी व्यक्तियों का इस संगठन में दम घुट रहा है।

उन्होंने प्रदेश कांग्रेस के कर्ताधर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें अपने अहम और वहम की राजनीति से बाहर निकलना होगा, अन्यथा जो थोड़ा-بہुत सब कुछ बचा है, वह भी पूरी तरह खत्म हो जाएगा। विश्वेंद्र सिंह ने तल्ख लहजे में कहा कि अब पार्टी में न तो वरिष्ठता का कोई मान-सम्मान बचा है और न ही युवाओं का मार्गदर्शन करने की कोई सोच दिखाई देती है, जिस पर पार्टी आलाकमान को गंभीर चिंतन करने की जरूरत है।

"गिरिराज धनी का सेवक हूं, किसी से कोई अपेक्षा नहीं"

अपनी इस लंबी पोस्ट में विश्वेंद्र सिंह ने अपने लंबे राजनीतिक सफर और उसूलों का जिक्र करते हुए लिखा कि उन्होंने हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनता की सेवा की है और हमेशा सही का साथ दिया है। उन्होंने कहा कि विधायक, सांसद और मंत्री पद जैसी जो भी जिम्मेदारियां उन्हें सार्वजनिक जीवन में मिलीं, उन्हें पूरी ईमानदारी, निष्ठा और कर्तव्यपरायणता के साथ निभाया। झूठ, फरेब और बेईमानी से कोसों दूर रहकर उन्होंने हमेशा धर्म की राह पर चलते हुए स्वच्छ राजनीति की है।

उन्होंने आगे लिखा कि जीवन के इस आखिरी पड़ाव पर अब उन्हें किसी से कोई विशेष अपेक्षा नहीं है। उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य का फैसला पूरी तरह से देवतुल्य जनता जनार्दन पर छोड़ दिया है और जनता का जो भी आदेश होगा, वह उन्हें पूरी तरह शिरोधार्य होगा। अपने इष्ट श्री गिरिराज धनी और भोले बाबा का स्मरण करते हुए उन्होंने भरतपुर संभाग की जनता को अपना सादर प्रणाम प्रेषित किया है। अब देखना यह होगा कि अनुशासन समिति के नोटिस का जवाब न देने और इस तरह खुलकर नाराजगी जाहिर करने के बाद पार्टी आलाकमान विश्वेंद्र सिंह के खिलाफ क्या अगला कदम उठाता है।

Updated on:
09 Oct 2026 10:05 am
Published on:
09 Oct 2026 09:40 am
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