
राजस्थान की सियासत में इन दिनों सुर्खियों में चल रहे कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अपने बयानों और तेवरों के चलते लगातार राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बने विश्वेंद्र सिंह अब सोशल मीडिया पर उनके नाम से वायरल हो रहे कुछ फर्जी और भ्रामक वीडियो को लेकर खासे परेशान नजर आ रहे हैं। स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने खुद सोशल मीडिया के माध्यम से एक पोस्ट साझा की है और जनता तथा अपने समर्थकों से ऐसे फर्जी वीडियो से पूरी तरह सावधान रहने की अपील की है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे बयानों और वीडियो पर सफाई देते हुए विश्वेंद्र सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इन तमाम चीजों से उनका दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "आगामी जिला परिषद चुनाव में कोई भी उम्मीदवार किसी भी वार्ड से चुनाव की दावेदारी पेश कर सकता है। कुछ लोग अपने सोशल मीडिया पर मेरा नाम लेकर वीडियो वायरल कर रहे हैं, इस प्रकार के वीडियो से मेरा कोई सरोकार नहीं है। सभी चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।"
उन्होंने आगे यह भी जोड़ा कि चुनाव में जो भी प्रत्याशी जीत हासिल करेंगे, वे जनता-जनार्दन के आशीर्वाद और सहयोग से ही आगे बढ़ेंगे। लोकतंत्र में हर किसी को चुनाव लड़ने का पूरा अधिकार है, और इस प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए। अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने अपने पारंपरिक अंदाज में 'राम राम सा' लिखकर लोगों का अभिवादन किया है।
गौरतलब है कि विश्वेंद्र सिंह इन दिनों कांग्रेस पार्टी के भीतर अनुशासनात्मक कार्रवाई के दायरे में चल रहे हैं। हाल ही में उन्होंने भरतपुर के दो जिलाध्यक्षों और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर की थी और डोटासरा पर व्यक्तिगत टिप्पणियां भी की थीं। पार्टी से इस्तीफा देने के संकेत देने वाले उनके बयानों के बाद कांग्रेस की अनुशासन समिति ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर जवाब तलब किया था।
अब इस 7 दिन के अल्टीमेटम का काउंटडाउन चल रहा है, जिससे राजनीतिक हलकों में यह बड़ा सवाल बना हुआ है कि क्या विश्वेंद्र सिंह इस नोटिस का कोई जवाब देंगे, क्या वे खुद कांग्रेस पार्टी को अलविदा कहेंगे, या फिर पार्टी उनके खिलाफ कोई कड़ा कदम उठाते हुए बर्खास्तगी की कार्रवाई करेगी? इस पूरे घटनाक्रम के बीच फर्जी वीडियो का सामने आना सियासी तापमान को और अधिक बढ़ा रहा है।