— क्षेत्र की मांग और उद्योगों की उपलब्धता के आधार पर होगा व्यवसाय का चयन
जयपुर। स्कूलों मे पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें क्षेत्र के अनुसार स्कूलों में रोजगार परक शिक्षा दी जाएगी। इस व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम के जरिए विद्यार्थियों को स्कूल स्तर से ही अलग—अलग क्षेत्रों में दक्ष बनाया जाएगा। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान स्कूलों में व्यावसायीकरण योजना के तहत आगे बढ़ा रहा है। सरकार ने प्रदेश के स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा का दायरा बढ़ाया है।
व्यावसायीकरण की योजना शैक्षिक अवसरों की विविधता प्रदान करती है, इसी के तहत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में इसे शुरू किया जा रहा है। गौरतलब है कि प्रदेश के अभी 720 स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा चल रही है। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की भी कक्षा 10 और 12 में बोर्ड परीक्षाएं होती हैं। अब सरकार इन योजना को हरेक जिले के प्रमुख स्कूलों में शुरू करने की योजना बना रही है।
कक्षा 9 का नामांकन रहेगा आधार
स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू करने के लिए कक्षा 9 का नामांकन आधार रहेगा। इसके लिए स्कूल में अलग से कक्षा कक्षों की उपलब्धता भी बतानी होगी।
क्षेत्र की मांग रहेगी मुख्य
व्यवसाय चयन में क्षेत्र की मांग मुख्य आधार रहेगी। इसमें बताना होगा की क्षेत्र के लोग कौनसा व्यवसाय स्कूल में चाहते हैं और उसकी आगे क्या संभावनाएं। इसके साथ ही आसपास के उद्योगों की उपलब्धता को व्यवसाय चयन का आधार रखा जाएगा। इसके लिए प्रदेश में संचालित 10 व्यवसाय और सर्वे के आधार पर जिलों के व्यवसाय अलग—अलग तय किए गए हैं।
ऐसे तय किए ट्रेड
नेशनल स्किल डवलपमेंट कार्पोरेशन के सर्वे और मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से हर जिले के लिए अलग—अलग व्यवसायों का चयन किया गया है। जयपुर जिले के लिए 11 सेक्टर में ट्रेड शुरू किए गए हैं। अजमेर जिले को 8, अलवर को 4, बांसवाड़ा को 8, बाड़मेर 7, गंगानगर 4, हनुमानगढ़ को 3, जैसलमेर 2, जालोर को 3 व्यवसाय तय किए गए हैं। इसके अलावा 10 अन्य ट्रेड भी दिए गए हैं।