
जयपुर। राजस्थान में सक्रिय नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से शुक्रवार को पूर्वी भाग में हल्की से मध्यम बारिश और पश्चिमी भाग में कहीं-कहीं मेघगर्जन व तेज हवा के साथ बारिश दर्ज की गई। बारां जिले के शाहाबाद कस्बे में प्री-मानसून के चलते दो घंटे बारिश से कस्बे में बह रही सिरसा नदी में उफान आ गया। कस्बे में आंधी से कई पेड़ गिर गए। जयपुर में सुबह से तेज गर्मी का असर जारी रहा। हालांकि दोपहर बाद हवाओं की गति तेज रही। वहीं फतेहपुर, अलवर, कोटपूतली-बहरोड़, श्रीगंगानगर में बारिश के साथ ओले गिरे।
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जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक बीते 24 घंटे में बीकानेर, जयपुर व भरतपुर संभाग के कुछ भागों में मेघगर्जन के साथ मध्यम से तेज बारिश दर्ज की गई है। वहीं, सबसे अधिकतम तापमान जैसलमेर में 44.2, बाड़मेर में 42.7, चूरू में 42.3, सीकर व फतेहपुर में 43, फलोदी में 43.8 व बीकानेर में 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
शनिवार को मौसम विभाग ने बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर व कोटा संभाग के कुछ भागों में दोपहर बाद तेज मेघगर्जन, तेज अंधड़ (हवा की गति 50 से 60 किमी. प्रतिघंटे) के साथ कहीं-कहीं हल्की मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार 12 से 18 जून के दौरान पश्चिमी राजस्थान में बारिश सामान्य से अधिक होने की उम्मीद है, जबकि पूर्वी राजस्थान में यह सामान्य से कम होगी।
19 से 25 जून में राज्य में बारिश की गतिविधियां धीमी रहेगी। इस दौरान प्रदेश में सामान्य से कम बारिश के आसार है।इस दौरान तापमान सामान्य से 1 से 2 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा सकता है। वहीं श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ शहर में शुक्रवार शाम तूफानी हवाओं के साथ हुई बरसात के आगे बिजली तंत्र पत्तों की तरह बिखर गया। शहर सहित ग्रामीण अंचल में अनेक स्थानों पर जोधपुर विद्युत वितरण निगम के विद्युत पोल धराशायी हो गए, जिससे बड़े क्षेत्र की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई।
निगम के अनुसार रात्रि आठ बजे तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में करीब 60 विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होने का आंकलन किया जा चुका था। नुकसान का आंकलन और मरम्मत कार्य देर रात तक जारी रहा। मानकसर के समीप तूफान के कारण निगम के 33 केवी टावर भी टेढ़े हो गए, जिससे विद्युत आपूर्ति ठप हो गई।