Weather Update : राजस्थान में 6-8 अप्रैल के दौरान एक और नया पश्चिम विक्षोभ सक्रिय होने से तेज आंधी, बारिश व ओलावृष्टि मौसम विभाग का अलर्ट जारी किया गया है।
Weather Update : राजस्थान में एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग ने नई भविष्यवाणी की है कि राजस्थान में 6-8 अप्रैल के दौरान एक और नया पश्चिम विक्षोभ सक्रिय होने से तेज आंधी, बारिश व ओलावृष्टि होने की संभावना है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने आम जनता को सलाह दी है कि मेघगर्जन के समय सुरक्षित स्थान पर शरण लें। मौसम सामान्य होने की प्रतीक्षा करें। पेड़ों के नीचे शरण बिल्कुल भी न लें।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार 6 अप्रेल को ऑरेंज व येलो अलर्ट जारी किया गया है। येलो अलर्ट के तहत गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, नागौर, पाली, अजमेर और जालौर में बारिश अलर्ट है। वहीं बीकानेर, जोधपुर, जैसलमेर व बाडमेर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार 7 अप्रेल को राजस्थान के बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, नागौर, सीकर, झुंझुनूं, जयपुर, अलवर के लिए बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश के बाकी जिलों के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने 8 अप्रेल को अलवर, दौसा, भरतपुर, धौलपुर और करौली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के अधिकांश शहरों में एक दिन पहले चला आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर शनिवार को भी जारी रहा। मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के अनुसार, परिसंचरण तंत्र के प्रभाव से बीते 24 घंटों में कई क्षेत्रों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई। शनिवार को जयपुर, सवाईमाधोपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में तेज आंधी और बारिश हुई। इसके अलावा कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हुई। वहीं, बीकानेर और जोधपुर संभाग के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटे में शनिवार को सर्वाधिक अधिकतम तापमान पाली (33.8) और बाड़मेर (33.6) डिग्री दर्ज किया गया। उदयपुर में 32MM से ज्यादा बरसात हुई। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार मार्च-अप्रैल में आमतौर पर इतने ज्यादा विक्षोभ नहीं बनते। इनका असर उत्तर भारत में देखा जाता है। इस बार इनकी स्थिति उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों में है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से मिली भरपूर नमी के कारण जमकर आंधी-बारिश हुई।
जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि विक्षोभ सिस्टम सक्रिय होने के बाद आमतौर पर दोपहर बाद आंधी और बारिश होती है। दिन में बढ़ता तापमान इस सिस्टम को ऊर्जा देता है, इसलिए दोपहर के बाद ही ओले और बारिश का दौर शुरू होता है।