
Western Disturbance: राजस्थान में लगातार western disturbance की वजह से हो रही बे-मौसम बारिश पर के प्रभाव से गेहूं, चना, सरसों और ईसबगोल की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। ऐसे में आने वाले वक्त में इन तमाम खाद्ध पदार्थों की कीमत आसमान छू सकती है। इसके अलावा अभी तक हो रही बारिश ने आने वाली खरीफ बोआई की चिंता को बढ़ा दिया है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार मार्च में बारिश और ओलावृष्टि के कारण राजस्थान में रबी सीजन में कुल 109.55 लाख हेक्टेयर में गेहूं, जौ, चना, सरसों, जीरा, ईसबगोल और सब्जियां बोई गई थीं और इनमें से 6.24 लाख हेक्टेयर फसलें खराब होने की संभावना है।
गौरतलब है कि प्रदेश में बारिश के कारण जीरा और ईसबगोल की फसलों को नुकसान हुआ है। ऐसे जिले में जहां इन फसलों की बुआई होती है वहां किसानों को नुकसान की पूरी संभावना है। बाड़मेर जिले में ईसबगोल की फसल में 30-50 प्रतिशत और जीरे में 5-40 प्रतिशत तक का अनुमानित नुकसान माना जा रहा है। इसके अलावा राजस्थान में गेहूं का कुल बुवाई क्षेत्र 29.65 लाख हेक्टेयर है, इसमें से करीब 2.50 लाख हेक्टेयर में 30 फीसदी से ज्यादा नुकसान का अनुमान कृषि विभाग ने लगाया है। इसी तरह जौ करीब 4.08 लाख हेक्टेयर में बोया गया है जिसमें भी 5 से 20 फीसदी का नुकसान हाने का अनुमान है।
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सरसों की फसल भी हुई खराब
मौसम विभाग के आंकड़ों के हिसाब से राजस्थान में सरसों की प्रदेश में कुल बुवाई 38.98 लाख हेक्टेयर में हुई है, बेमौसम बारिश से करीब 2 से 20 प्रतिशत तक तथा जीरे की फसल में 5-40 प्रतिशत का नुकसान की आशंका जताई गई है। ईसबगोल में 10 से 50 फीसदी तक नुकसान होने की संभावना व्यक्त की गई है।
18 राज्यों में फल और सब्जी की फसलें प्रभावित
15 दिन से जारी बेमौसम बारिश से देश के 18 राज्यों में फल और सब्जी की फसलें प्रभावित हुई हैं। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में प्याज की फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है। उत्तर प्रदेश में आलू और पंजाब, दिल्ली समेत अधिकांश राज्यों में हरी सब्जियों की फसलों को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अनुसार, हरी सब्जियों की फसलें बड़े पैमाने पर खराब हुई हैं। इससे इनके दामों में बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है। अंगूर की अंतिम फसल खराब होने का असर बाजारों में किशमिश के दामों पर दिखेगा। पिछले 15 दिनों से हो रही बारिश आम की पैदावार 15% तक घटाएगी।