
जैसलमेर. मोहनगढ़ नहरी क्षेत्र में खेत में सो रहे चार व्यक्तियों पर वाहनों में बैठकर आए लोगों ने फिल्मी अंदाज में हमला कर दिया। आरोप है कि हमले के दौरान देसी के कट्टे से फायरिंग भी की गई। चारों से मारपीट करने के बाद उनका अपहरण भी कर लिया गया और बाद में तीन जनों को बीच रास्ते में उन्हें धक्का देकर बाहर फैंक दिया। आरोप यह भी है कि खेत में बने रहवासी कच्चे आवास में भी आग लगा दी गई। पुलिस की ओर से तीन व्यक्तियों को अलग-अलग स्थानों पर घायलावस्था में बरामद कर मोहनगढ के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। उधर, एक व्यक्ति का अभी तक सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस को सूचना मिलने पर सहायक उपनिरीक्षक आम्बसिंह मय जाब्ते के मौके पर पहुंचे, जहां से तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर मोहनगढ़ पुलिस थाने लाया गया। मौके पर पुलिस ने एक देशी कट्टा व दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।
जमीन विवाद को लेकर हुआ हमला
पीडि़तों के रिश्तेदार मलकीतसिंह ने बताया कि कलवंतसिंह पुत्र गुरदेवसिंह सिख का 24 पीडी में खेत है। इसको लेकर मुकदमा राजस्व विभाग में चल रहा था। उनके अनुसार मार्च 2018 में न्यायालय ने कलवंतसिंह के पक्ष फैसला सुनाया, जिसके बाद से वह अपने मुरब्बे में ही निवास कर रहा था। उन का आरोप है कि इस खेत पर निजाम खंा निवासी बडोड़ा गांव ने दस साल से कब्जा कर रखा था। अब खेत कुलवंतसिंह को मिलने पर निजाम खां ने सेवकसिंह व दारासिंह सहित तीन-चार गाडिय़ों में आकर रात्रि में खेत में सो रहे कलवंतसिंह पुत्र गुरदेवसिंह, सार्दुलसिंह पुत्र भूरसिंह, जोगेन्द्र पुत्र दीवानसिंह, महेन्द्रसिंह पुत्र जेहमसिंह पर हमला कर दिया। इस दौरान हवा में फायरिंग भी की गई। रहवासी कच्चे आवास को भी जला दिया गया। अपहरण व हमले में घायल हुए कलवंत सिंह, सार्दुल सिंह व जोगेन्द्र सिंह को सहायक उपनिरीक्षक आम्बसिंह मय जाब्ता उपचार के लिए मोहनगढ़ के अस्तपाल लेकर आए, जहां पर तीनों का उपचार चल रहा है। महेन्द्रसिंह का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। मोहनगढ़ थानाधिकारी महेन्द्र सिंह खींची का कहना है तीन व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है। पीडि़त पक्ष की ओर से मोबाइल पर सूचना दी गई थी। उस आधार पर कार्यवाही की जा रही है। लिखित में रिपोर्ट आते ही मामला दर्ज कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि अन्य आरोपियों व अपहरण किए गए एक व्यक्ति की पुलिस तलाश कर रही है।