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जैसलमेर की पटवा हवेली के चौक में निकाला दरवाजा,विरोध करने पर नगरपरिषद ने उठाया यह कदम

-विरोध करने पर नगरपरिषद ने बंद करवाया
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Patwa Haveli Chowk in jaisalmer

Protest at the exit of door of Patwa Haveli Chowk in jaisalmer

जैसलमेर. जैसलमेर की कलात्मक और ऐतिहासिक धरोहर पटवा हवेलियों के पास खुले प्रांगण में मकान का दरवाजा निकालने के दौरान शुक्रवार को बवाल मच गया। क्षेत्रवासियों ने पुरजोर विरोध किया, जिसके बाद नगरपरिषद प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए खुलवाए गए पत्थरों को वापस लगवा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शुक्रवार सुबह से संबंधित मकान मालिक की ओर से करवाए जा रहे इस कार्य को लेकर क्षेत्र के लोगों में रोष दिखाई दिया। शाम तक नगरपरिषद की टीम ने खुलवाए गए पत्थरों को फिर यथास्थान लगवा दिया। जानकारी के अनुसार पटवा हवेली के सामने बने खुले प्रांगण में एक द्वार निकालने की कोशिश में मकान मालिक ने चार दीवारी के पत्थर उखाड़ दिए। यह कार्य शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे के बाद करवाया गया, जिसे देखकर क्षेत्र के लोगों ने विरोध दर्ज करवाया।

..और दुरुस्त करवा दी दीवार
गौरतलब है कि 1974 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की ओर से पटवा हवेली का दौरा करने के बाद दर्शकों को सुविधाजनक ढंग से हवेली का दीदार करने की सुविधा देने के लिए दो-तीन मकानों का अधिग्रहण कर इस खुले स्थान का निर्माण करवाया गया था। आरोप है कि संबंधित मकान मालिक यहां सरकार की ओर से करवाई गई चारदीवारी के पत्थर हटाकर अपने मकान के पिछे दरवाजा निकालना चाहता था। पटवा हवेली क्षेत्र के लोगों ने उक्त निर्माण का विरोध करते हुए नगरपरिषद प्रशासन को सूचित किया, जिस पर परिषद की टीम तुरंत मौका मुआयना करने पहुंच गई। वहां काम रुकवा दिया गया। बाद में विरोध करने वाले लोग परिषद जाकर सभापति कविता खत्री तथा आयुक्त झब्बरसिंह चौहान से मिले। जिन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हटवाए गए पत्थर लगाकर दीवार को पूर्वस्वरूप में लाने को कहा। शाम तक नगरपरिषद अभियंताओं की देखरेख में दीवार को दुरुस्त करवा दिया गया। जानकारी के अनुसार पटवा हवेली के सामने बने खुले प्रांगण में एक द्वार निकालने की कोशिश में मकान मालिक ने चार दीवारी के पत्थर उखाड़ दिए। यह कार्य शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे के बाद करवाया गया, जिसे देखकर क्षेत्र के लोगों ने विरोध दर्ज करवाया।