स्वर्णनगरी में शारदीय नवरात्र के दौरान आयोजित डांडिया व गरबा कार्यक्रमों में सोमवार रात्रि को अनूठा माहौल देखने को मिला।
स्वर्णनगरी में शारदीय नवरात्र के दौरान आयोजित डांडिया व गरबा कार्यक्रमों में सोमवार रात्रि को अनूठा माहौल देखने को मिला। आस्था, श्रद्धा व भक्ति के माहौल के बीच गरबा व डांडिया खेलने पहुंचे युवक-युवतियों ने राजस्थान पत्रिका की मुहिम को आगे बढ़ाते हुए जैसलमेर को नशा मुक्त बनाने की शपथ ली। राजस्थान पत्रिका के बाड़मेर-जैसलमेर संस्करण के 15 वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में जैसलमेर के जीवणीयाई तालाब पर ब्रह्म क्षत्रिय समाज की ओर से आयोजित कार्यक्रम पटवा हवेली क्षेत्र, शारदा पाड़ा सहित शहर के करीब एक दर्जन स्थानों पर 700 से अधिक युवक-युवतियों ने कार्यक्रम के दौरान देवी प्रतिमा को साक्षी मानकर शारदीय नवरात्र पर्व से जैसलमेर को नशा मुक्त बनाने के लिए संकल्प लिया। साथ ही जीवन में कभी भी नशे का सेवन नहीं करने, नशे से दूर रहकर परिवार और समाज का सम्मान बढ़ानेए आमजन को नशे के प्रति जागरुक करने और जीवन को स्वास्थ्य, शिक्षा और सकारात्मक कार्यों में समर्पित करने की शपथ ली। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका की ओर से जैसलमेर का संकल्प, नशामुक्त हो भविष्य अभियान चलाया जा रहा है।
कार्यक्रमों के दौरान उपस्थित जनों को अवगत कराया गया कि मरुस्थली जिले में नशे का बढ़ता जाल युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। जीवणीयाई गरबा समिति की अध्यक्ष निमता डलोरा ने बताया कि शहर से लेकर गांवों तक एमडी जैसे घातक नशे का असर युवाओं की पढ़ाई, कॅरियर और पारिवारिक वातावरण पर साफ झलकने लगा है। धनराज बिछड़ा ने बताया कि शिक्षा, रोजगार और जीवन संतुलन सब पर इस नशे की मार पड़ रही है। एमडी का नशा करने वाले अधिकांश युवा पढ़ाई से दूर हो रहे हैं। उषा खत्री ने बताया कि पहले जहां बच्चे पढ़ाई में ध्यान लगाते थे, अब उनकी रुचि केवल नशे की खुराक जुटाने में रहती है। परीक्षा परिणामों पर भी इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है। शारदा पाड़ा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हेमा सांवल ने कहा कि नशे के कारण किशोर व युवाओं की एकाग्रता, स्मरण शक्ति और मानसिक संतुलन प्रभावित तो हो ही रही है। परिवारों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है, क्योंकि नशे के लिए पैसे जुटाने के प्रयास में कई बार युवा अपराध और गलत गतिविधियों की ओर बढ़ जाते हैं। मनीषा शारदा व खुशी सांवल ने बताया कि परिवार की सामाजिक छवि भी धूमिल हो रही है। नशे के कारण न केवल परिवार, बल्कि पूरा समाज प्रभावित हो रहा है। मुकेश जगाणी ने कहा कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण युवाओं ने बेरोजगारी और भटकाव की स्थिति बढ़ रही है।
इस दौरान पूर्व मरुश्री जितेन्द्र खत्री, कपिल शारदा, उत्तम जैन व प्रशांत सुदा, रोहित जैन ने पत्रिका के जन सरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रेरक बताते हुए नशे से जैसाण को मुक्त करने के लिए सहभागी बनने का भरोसा दिलाया।