धोरों के बीच बसे जैसलमेर क्षेत्र के बाशिंदों का मानना है कि राज्य सरकार की ओर से आगामी 10 जुलाई को पेश किए जाने वाले पूर्ण बजट में शहरी विकास व उद्योग, परिवहन, सडक़ें व स्टेट हाइवे आदि पर विशेष ध्यान की दरकार है। राजस्थान पत्रिका की ओर से शनिवार को आयोजित टॉक शो में यह बात सामने आई।
धोरों के बीच बसे जैसलमेर क्षेत्र के बाशिंदों का मानना है कि राज्य सरकार की ओर से आगामी 10 जुलाई को पेश किए जाने वाले पूर्ण बजट में शहरी विकास व उद्योग, परिवहन, सडक़ें व स्टेट हाइवे आदि पर विशेष ध्यान की दरकार है। राजस्थान पत्रिका की ओर से शनिवार को आयोजित टॉक शो में यह बात सामने आई। सामाजिक कार्यकर्ता विकास व्यास ने बताया कि जैसलमेर शहर के विकास व सौन्दर्यकरण को लेकर प्रभावी प्रयासों की दरकार है। कारण यह है कि स्वर्णनगरी को देश-दुनिया में पहचान पर्यटन के बूते मिली है और पर्यटन का सीधा नाता शहरी विकास व सौन्र्दयकरण से है। टॉक शो में लक्ष्मणसिंह शेखावत ने शहर से जुड़े ग्रामीण मार्गों के सडक़ मार्गों को बेहतर करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में यातायात के साधन बढ़े हैं व आवागामन की सुगमता बढ़ी है। ऐसे में शहरी मार्ग से जुड़ी सडक़ों का विकास जरूरी है। इसी तरह हरीसिंह डांगरी ने सडक़ों की सूरत व सेहत बदलने के साथ औद्योगिक विकास की जरूरत पर बल दिया।
कूम्पसिंह ने भी शहरी विकास व सौन्दर्यकरण को प्राथमिकता देने की बात कही। इसी तरह श्यामसिंह उदावत ने सरहदी जिले में उद्योगों के उत्थान को लेकर सुझाव दिए। बादशाह खां ने सडक़ मार्गों को बेहतर बनाने को लेकर बात कही। इसी तरह सामाजिक कार्यकर्ता अनिल भार्गव ने कहा कि सरहदी जिले को प्रगति के पथ पर ले जाने के लिए जरूरी है कि शहरी विकास को बल मिले। पर्यटन नगरी के तौर पर ख्यााति अर्जित करने के बाद इसकी आवश्यकता अधिक महसूस की जा रही है। इसी तरह प्रवीण कुमार व गुलशेर खां ने टॉक शो में परिवहन की स्थिति को बेहतर बनाने व स्टेट हाइवे के विकास को लेकर अपनी बात रखी।