
सीमावर्ती जैसलमेर सहित प्रदेश भर में प्रसूता महिलाओं के लिए संचालित की जा रही 104 जननी एक्सप्रेस सेवा की एम्बुलेंस सेवा ठप हो गई हैं। नए वर्ष में इस एम्बुलेंस सेवा की टेंडर को समय रहते पूरा नहीं किए जाने से यह स्थिति बनी है। गौरतलब है कि जैसलमेर जिले में जननी सुरक्षा संबंधी 16 एम्बुलेंस पीएचसी व सीएचसी स्तर पर लगाई हुई थी वहीं प्रदेश भर में ऐसी 600 एम्बुलेंस लगी हुई थी।
बताया जाता है कि 104 एम्बुलेंस सेवा की संचालक कम्पनी का स्टेट टेंडर गत 10 दिसम्बर को समाप्त हो गया था और नया टेंडर नहीं होने से नए साल में जैसलमेर की एम्बुलेंस भी खड़ी कर दी गई। राजस्थान एम्बुलेंस कर्मचारी यूनियन के जैसलमेर जिलाध्यक्ष नारायणसिंह भाटी ने बताया कि जिले में यह महत्वपूर्ण सेवा ठप होने से प्रसूताओं के साथ नवजात व एक साल तक के बच्चों के लिए टीकाकरण सेवाओं में विपरीत असर पड़ेगा। साथ ही 32 चालक भी बेरोजगार हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार 104 एम्बुलेंस गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए अस्पताल ले जाने और प्रसव के बाद उन्हें उनके घर तक छोडऩे से लेकर एक साल तक के बच्चों का समय पर टीकाकरण करवाने के लिए उनके घर से नजदीकी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य केंद्र तक लाने-ले जाने का काम करती हैं। जानकारी के अनुसार 6 जनवरी से ये सेवाएं ठप हो गई हैं। नारायणसिंह ने बताया कि इस सेवा का नया टेंडर नहीं किया गया और सरकार भी इसका संचालन नहीं कर पाई।
जैसलमेर जिले में 104 एम्बुलेंस सेवा गर्भवती महिलाओं व एक साल तक के बच्चों के टीकाकरण कार्य में उपयोगी रही है। इस सेवा को जिला स्वास्थ्य समिति के जरिए प्रस्ताव लेकर शीघ्र सुचारू करवाया जाएगा।
Published on:
07 Jan 2026 09:12 pm
बड़ी खबरें
View Allजैसलमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
