
राजस्थान पत्रिका के संस्थापक कर्पूरचंद कुलिश जन्मशताब्दी वर्ष के अंतर्गत चल रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला में रविवार को ग्राम सभा आयोजित हुई। कार्यक्रम का आयोजन राजपूत धर्मशाला के पास पदमसिंह भोमिया मंदिर परिसर में हुआ, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए और गांव की मूलभूत समस्याओं पर खुलकर चर्चा की।ग्राम सभा में लोगों ने बिजली, पेयजल और सफाई व्यवस्था को लेकर असंतोष जताया।
ग्रामीणों के अनुसार कि लंबे समय से बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हो पा रही है। प्रतिदिन तीन से चार घंटे तक बिजली कटौती आम बात बन चुकी है। अनियमित आपूर्ति से घरेलू कार्य प्रभावित हो रहे हैं और छोटे व्यवसाय भी संकट में हैं। पेयजल की स्थिति भी चिंताजनक बताई गई। घरों में पहुंचने वाला पानी मटमैला आता है। जल भंडारण टंकियों की नियमित सफाई नहीं होने से पानी की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जलापूर्ति व्यवस्था की निगरानी प्रभावी ढंग से नहीं हो रही, जिससे लोगों को अस्वच्छ पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है।
सफाई व्यवस्था को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जताई। गांव में कई स्थानों पर कचरे के ढेर लगे हैं। नियमित साफ-सफाई नहीं होने से दुर्गंध फैलती है और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि शिकायतों के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। बस स्टैंड की बदहाली भी चर्चा का प्रमुख विषय रही। ग्रामीणों ने बताया कि नाचना क्षेत्र का यह प्रमुख बस स्टैंड लंबे समय से उपेक्षा झेल रहा है। यहां पेयजल, छाया और विश्राम की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव में कठिनाई उठानी पड़ती है। दुकानों और होटलों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी के लिए नालियों का निर्माण नहीं हुआ। परिणामस्वरूप गंदा पानी बीच रास्ते जमा हो जाता है। बरसात के दिनों में स्थिति और विकट हो जाती है। बस स्टैंड परिसर में पानी तालाब की तरह भर जाता है और निकासी नहीं होने से कई दिनों तक जमा रहता है। इससे आवागमन बाधित होता है और संक्रमण की आशंका बढ़ती है।
म सभा में मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। नियमित निगरानी, समयबद्ध कार्य योजना और जवाबदेही तय होने से ही स्थिति सुधर सकती है। लोगों ने सामूहिक रूप से यह भी मांग रखी कि संबंधित विभाग स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएं।
कार्यक्रम के दौरान रमेश सेवग, हुकम सिंह भाटी, कमल सिंह, चंदनमल सोनी, नरपत सिंह देवड़ा, विकास, तुलसीदास भार्गव सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे। सभा में सभी ने एकमत होकर कहा कि मूलभूत सुविधाओं का विस्तार केवल आश्वासनों से नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई से संभव है।
Published on:
22 Feb 2026 08:46 pm
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