22 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रामगढ़ में चूना पत्थर खनन परियोजना के लिए आवंटित भूमि प्रकरण में सरकार आई हरकत में

जैसलमेर जिले के रामगढ़ में निजी कम्पनी को चूना पत्थर खनन परियोजना के लिए भूमि आवंटन को निरस्त किए जाने की मांग पर राज्य सरकार हरकत में आई है।

2 min read
Google source verification

जैसलमेर जिले के रामगढ़ में निजी कम्पनी को चूना पत्थर खनन परियोजना के लिए भूमि आवंटन को निरस्त किए जाने की मांग पर राज्य सरकार हरकत में आई है।

इस संबंध में जैसलमेर विधायक की ओर से गत दिनों मुख्यमंत्री को दिए ज्ञापन के बाद उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त आयुक्त पीएन शर्मा ने जैसलमेर के जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि इस प्रकरण के निस्तारण के लिए जिला कलक्टर से समन्वय स्थापित कर अपेक्षित कार्यवाही करते हुए प्रकरण की अद्यतन वस्तुस्थिति से मुख्यालय को अवगत करवाया जाए। गौरतलब है कि रामगढ़ और आसपास की ढाणियों के ग्रामीणों ने विधायक कार्यालय पहुंचकर उन्हें इस परियोजना के विरोध में ज्ञापन सौंपा था। ग्रामीणों ने इसके लिए रामगढ़ में धरना भी दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

इस मामले में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लिखे पत्र में विधायक छोटूसिंह भाटी ने बताया कि निजी कम्पनी की ओर से प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजना आबादी भूमि के अत्यंत निकट स्थित है, जिससे रहवासी मकान, आवासीय भूखण्ड, किसानों की खातेदारी भूमि तथा गोचर भूमि प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो रही है। ग्रामवासियों का स्पष्ट मत है कि यह परियोजना गांव की पीढिय़ों से विकसित आबादी विस्तार भूमि, पुरखों के निवास, देवस्थानों, समाधियों व गोचर भूमि को नष्ट कर उनके सामाजिक-सांस्कृतिक अस्तित्व पर गंभीर संकट उत्पन्न करेगी।

विधायक ने बताया कि प्रस्तावित खनन क्षेत्र में सम्मिलित सदियों पुरानी नदी, प्राचीन तालाब एवं पारंपरिक खड़ीन जल-संग्रह प्रणाली-जो इस मरुस्थलीय क्षेत्र की जीवनरेखा हैं-खनन गतिविधियों, धूल एवं विस्फोटों के कारण स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त होने की प्रबल आशंका है, जिससे क्षेत्र में जल संकट, अकाल एवं पर्यावरणीय असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने जनभावनाओं, सार्वजनिक स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण एवं दीर्घकालीन जनहित को दृष्टिगत रखते हुए रामगढ़ में प्रस्तावित चूना पत्थर खनन के लिए वर्तमान में आवंटित भूमि को तत्काल निरस्त कर, आबादी क्षेत्रों एवं प्राकृतिक धरोहरों से न्यूनतम 3 किलोमीटर दूर अन्यत्र आवंटन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश प्रदान करवाने का अनुरोध किया।