
-प्रारंभिक शिक्षा में एक-तिहाई से ज्यादा पद पहले ही खाली
-शिक्षकों को मिलेगी सौगात तो शिक्षण व्यवस्था को लगेगा झटका
जैसलमेर. चुनावी साल में सरकार अपने घर से दूर बैठे शिक्षकों पर मेहरबानी दिखाने के मूड में है।यही कारण है कि शिक्षा विभाग के लिहाज से ‘डार्क जोन’ में आने वाले जैसलमेर जिले से भी सभी श्रेणी के शिक्षकों के इस बार तबादला आवेदन सरकार ने लिए हैं। प्रधानाचार्यों के तबादलों की पहली सूची गत दिवस सरकार ने जारी कर दी। जिसमें जैसलमेर जिले के करीब पचास राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की बदली कर दी गई है और इसमें करीब 40 जने अपने गृह जिलों में तबादला करवा गए हैं। आगामी सप्ताह में तृतीय श्रेणी के शिक्षकों की स्थानांतरण सूची आने की संभावना है।
...तो टूटेगी प्रारंभिक शैक्षणिक ढांचे की कमर
जानकारी के अनुसार इस श्रेणी के 150 शिक्षक अपने मूल जिले में जाने के लिए तैयार हैं। यदि उनके तबादले कर दिए गए तो जिले में प्रारंभिक शिक्षा की कमर टूटने की पूरी आशंका है। पहले ही प्रारंभिक शिक्षा सेटअप में शिक्षकों के एक तिहाई पद रिक्त चल रहे हैं। जिले में प्रारंभिक सेटअप में शिक्षकों के 3580 पद स्वीकृत बताए जाते हैं, जिनमें से 2238 वर्तमान में कार्यरत हैं और इस तरह से 1342 षिक्ष् ाकों के पद रिक्त चल रहे हैं।
दस साल बाद हटा प्रतिबंध
-बाहरी जिलों में तबादलों के लिहाज से डार्क जोन में आने वाले जैसलमेर जिले से करीब दस साल बाद स्थानांतरण पर से रोक हटाई जा रही है। दरअसल, यह चुनावी साल है और सरकार ने वर्षों से अपने गृह जिलों से बाहर नौकरी कर रहे शिक्षकों को रिझाने तथा विधायकों को संतुष्ट करने के लिए बड़े पैमाने पर तबादले करने का मन बनाया हुआ है।
प्रधानाचार्य चले ‘अपने घर’
शिक्षक तबादलों का पिटारा खुलते ही सबसे पहले उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की स्थानांतरण सूची बाहर आई है, जिसमें जैसलमेर जिले में करीब 50 विद्यालयों के प्रधानाचार्य बदल गए हैं। इनमें 40 बाहरी जिलों में स्थानांतरित किए गए हैं और उनकी जगह रिक्त रह गई है। ये प्रधानाचार्य बीकानेर , जोधपुर , चूरू, हनुमानगढ़, सीकर, झुंझुनूं आदि जिलों के मूल निवासी हैं तथा गृह जिलों में तबादला करवाने में सफल रहे । सूची के जारी होते ही कई प्रधानाचार्य तो रिलीव भी हो गए। ऐसे में आगामी शिक्षा सत्र में जिले के कई उच्च माध्यमिक विद्यालय बिना प्रधानाचार्यों के संचालित होते नजर आ सकते हैं, जिसका सीधा असर विद्यालयी व्यवस्थाओं के साथ शिक्षण व्यवस्था पर पडऩे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। संभावित तबादलों को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
फैक्ट फाइल -
-985 विद्यालय हैं प्रारंभिक सेटअप में
-3580 तृतीय श्रेणी के शिक्षक स्वीकृत
-1342 शिक्षकों के पद रिक्त
-40 प्रधानाचार्यों का जिले से बाहर तबादला