
India-Pakistan border: भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक बार फिर सतर्कता का परिचय दिया है। जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ थाना क्षेत्र में रविवार देर रात BSF की 38वीं बटालियन की पेट्रोलिंग टीम ने एक युवक को संदिग्ध गतिविधियों के चलते हिरासत में लिया।
बता दें कि यह कार्रवाई 192 आरडी नहरी क्षेत्र के पास गश्त के दौरान की गई। जहां जवानों ने युवक को सीमा के नजदीक भटकते हुए देखा। रोककर पूछताछ करने पर युवक ने प्रारंभिक बातचीत में बताया, वह पाकिस्तान जाने की तैयारी में था। उसकी पहचान पंकज कश्यप, निवासी शाजापुर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।
मामले की गंभीरता और इलाके की संवेदनशीलता देखते हुए BSF ने युवक को आगे की कार्रवाई के लिए PTM थाना पुलिस के हवाले कर दिया। खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां उससे विस्तृत पूछताछ कर रही हैं। इस पूछताछ में उसके पाकिस्तान जाने की मंशा, किसी संभावित नेटवर्क से जुड़ाव और हालिया गतिविधियों को लेकर कई स्तरों पर जांच होगी।
सीमा क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध गतिविधि को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही अलर्ट पर हैं। BSF ने इस घटना के बाद गश्त और निगरानी और भी बढ़ा दी है, ताकि किसी भी तरह की घुसपैठ, जासूसी या गैरकानूनी गतिविधि को रोका जा सके। जवानों की सतर्कता ने कई बार ऐसे मामलों को समय रहते पकड़ने में अहम भूमिका निभाई है।
जैसलमेर में यह पहला मामला नहीं है। इस साल ही विभिन्न एजेंसियों ने पांच से अधिक जासूसी मामलों का खुलासा किया है। मार्च में पहलगांव आतंकी हमले से पहले चांधन फील्ड फायरिंग रेंज के पास पठान खान को ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था। मई में पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में सरकारी कर्मचारी शकूर खान को पकड़ा गया।
वहीं, अगस्त में DRDO गेस्ट हाउस मैनेजर महेंद्र प्रसाद और फिर जीवन खान को संदिग्ध पाकिस्तानी नंबरों से संपर्क और भारतीय सेना से संबंधित जानकारियां साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। सितंबर में हनीफ खान को ISI को गोपनीय सूचनाएं भेजने के आरोप में पकड़ा गया।
BSF द्वारा पकड़ा गया यह युवक भी इसी तरह के किसी नेटवर्क से जुड़ा है या सिर्फ व्यक्तिगत मंशा से सीमा पार करना चाहता था, यह एजेंसियों की पूछताछ के बाद साफ हो पाएगा। फिलहाल, मामले को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। सीमा पर निगरानी और सख्त कर दी गई है।