जैसलमेर

जैसलमेर में दहेज लोभियों को सजा: बाइक की मांग पूरी नहीं होने पर की थी बहू की हत्या, सास-ससुर और पति को उम्रकैद

Jaisalmer Dowry Case: जैसलमेर के पोकरण में 7 साल पुराने दहेज हत्या मामले में अदालत ने पति, सास और ससुर को उम्रकैद की सजा सुनाई। आरोपियों ने दहेज में बाइक नहीं मिलने पर विवाहिता को प्रताड़ित किया और जहर देकर मार डाला।

2 min read
May 08, 2026
दहेज के लिए हत्या पर सुनाई सजा (पत्रिका फोटो)

Jaisalmer Dowry Death Case: पोकरण (जैसलमेर): करीब 7 वर्ष पुराने दहेज हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने पति, सास और ससुर को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। गत 12 फरवरी 2019 को शेरगढ़ के सोमेश्वर निवासी दीपाराम पुत्र अणदाराम ने रिपोर्ट पेश की थी।

रिपोर्ट में बताया था कि उसकी बहन हवा की शादी 25 जून 2018 को ऊंचपदरा निवासी दीनाराम पुत्र चेतनराम के साथ की थी। विवाह के कुछ समय बाद ही उसके पति दीनाराम, सास चुकादेवी, ससुर चेतनराम की ओर से दहेज के लिए मानसिक-शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।

ये भी पढ़ें

जज आत्महत्या मामला: पिता बोले- काश…मैंने उस दिन ‘हां’ न कहा होता, अब तो उम्रभर का पछतावा

11 फरवरी 2019 को उसकी बहन ने ससुराल से फोन कर बताया कि उसके सास, ससुर और पति उसे दहेज में मोटरसाइकिल नहीं लाने की बात पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उसी रात सूचना मिली कि उसकी बहन के साथ मारपीट कर जहर देकर मार दिया गया। भणियाणा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

साथ ही पति दीनाराम, ससुर चेतनराम और सास चुकादेवी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया। राज्य पक्ष की ओर से दस्तावेज व गवाह प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश डॉ. महेंद्र कुमार गोयल ने आरोपियों को आजीवन कठोर कारावास व प्रत्येक को दो-दो लाख रुपए के जुर्माने से दंडित किया। राज्यपक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक समंदर सिंह नरावत ने पैरवी की।

चिंकारा शिकार मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार

रामदेवरा थाना क्षेत्र के लोहारकी गांव के पास फील्ड फायरिंग रेंज में 9 मार्च को मिले चिंकारा हिरण के अवशेष और उसके शिकार के मामले में वन विभाग ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस घटना के बाद से ही वन विभाग मामले की जांच कर रहा था।

संभागीय मुख्य वन संरक्षक जोधपुर अनूप केआर, उप वन संरक्षक जैसलमेर कुमार शुभम, सहायक वन संरक्षक पोकरण चंद्रशेखर कौशिक और क्षेत्रीय वन अधिकारी छायण लक्ष्मण स्वामी के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम को मार्च 2026 और उससे पूर्व फरवरी 2024 में आर्मी प्रतिबंधित क्षेत्र फील्ड फायरिंग रेंज पोकरण में हुए चिंकारा शिकार के मामलों की जांच का जिम्मा सौंपा गया था।

जांच के दौरान टीम ने रामदेवरा निवासी राहुल उर्फ रावलराम को फरवरी 2024 के शिकार मामले में गिरफ्तार किया। वहीं, मार्च 2026 में हुए शिकार के संबंध में पोकरण निवासी डालाराम को पकड़ा गया है। इस मामले में वन विभाग की टीम पहले ही चार अन्य आरोपियों नराराम, मोहनराम, मुनाराम और दीपाराम को गिरफ्तार कर चुकी है।

टीम 2024 में हुए शिकार में भी इन्हीं आरोपियों की संलिप्तता की संभावना पर गहनता से जांच कर रही है। गिरफ्तार करने वाली टीम में रेंज छायण के वनपाल झमकु, सहायक वनपाल जगदीश मेहडू, वनरक्षक रामकिशोर जाखड़, अशोक रतनू, कविता स्वामी, मूलसिंह जोधा और मोहम्मद रमजान सहित अन्य वनकर्मी शामिल थे।

ये भी पढ़ें

मेवाड़ राजपरिवार संपत्ति विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट ने दी अरविंद सिंह की वसीयत के निरीक्षण की अनुमति, फोटो नहीं ले सकेंगे
Published on:
08 May 2026 09:37 am
Also Read
View All