
भार्गवी कुमारी, भाई लक्ष्यराज सिंह और पद्मजा कुमारी (फोटो- पत्रिका)
उदयपुर: पूर्व राजपरिवार के सदस्य दिवंगत अरविंद सिंह मेवाड़ की वसीयत को चुनौती के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने वसीयत निरीक्षण की अनुमति दी है। पूर्व राजपरिवार के सदस्य दिवंगत अरविंद सिंह मेवाड़ की वसीयत को उनकी बेटी पद्मजा परमार ने चुनौती दी थी।
बता दें कि उन्होंने वसीयत पर किए हस्ताक्षर पर सवाल उठाते हुए विशेषज्ञ जांच की मांग की थी। अदालत ने वकीलों को फॉरेंसिक विशेषज्ञों के साथ मिलकर मूल वसीयत का निरीक्षण करने की अनुमति दी है।
अदालत ने यह भी निर्देश दिए कि निरीक्षण के दौरान वसीयत की कोई भी तस्वीर नहीं ली जाए। निरीक्षण आगामी 15 मई को करना तय किया है। मामले में अगली सुनवाई 19 मई को होगी।
पूर्व राजपरिवार के सदस्य अरविंद सिंह का निधन 16 मार्च 2025 को हो गया था। उनकी अंतिम वसीयत को 7 फरवरी को उपपंजीयक कार्यालय में पंजीकृत कराया गया था।
वसीयत में उन्होंने स्व-अर्जित संपत्तियों का एकमात्र उत्तराधिकारी पुत्र लक्ष्यराज सिंह को नामित किया था। वसीयत सामने आने के 15 दिन बाद ही विवाद शुरू हो गया। बेटी पद्मजा परमार और भार्गवी ने वसीयत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने जोधपुर और मुंबई हाईकोर्ट में लंबित केस दिल्ली हाईकोर्ट स्थानांतरित कर दिए। पद्मजा ने पिता की संपत्ति के लिए लेटर्स ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन (प्रशासन पत्र) की मांग की।
दिल्ली हाईकोर्ट ने पद्मजा की ओर से पेश तथ्य के आधार फर याचिका को नॉन मेंटेनेबल माना। उनके भाई लक्ष्यराज सिंह के केस के जवाब के तौर पर संदिग्ध परिस्थितियों से जुड़ी दलीलें पेश करने की अनुमति दी थी।
Updated on:
08 May 2026 09:42 am
Published on:
08 May 2026 08:55 am
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