जैसलमेर जिले के नाचना सेक्टर में बीएसएफ ने कोहरे के बीच भारत-पाक सीमा पार कर घुसे पाकिस्तानी नागरिक को पकड़ा। उसके पास से कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली। मेडिकल जांच और संयुक्त पूछताछ के बाद उसे पुलिस को सौंपा जाएगा।
जैसलमेर: नए साल के जश्न के बीच राजस्थान के जैसलमेर जिले से सटी भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता एक बार फिर काम आई। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने नाचना सेक्टर में कोहरे के बीच सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश कर रहे एक पाकिस्तानी नागरिक को हिरासत में लिया है।
बता दें कि घटना बुधवार शाम की है। जब इलाके में नियमित गश्त चल रही थी और बॉर्डर पर पहले से ही हाईअलर्ट घोषित था। बीएसएफ की 72वीं बटालियन के जवान नाचना क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान शाम ढलने के साथ हल्का कोहरा फैलने लगा। कम विजिबिलिटी के बीच संतरी की नजर सीमा पार से भारतीय इलाके की ओर बढ़ते एक व्यक्ति पर पड़ी।
संदिग्ध गतिविधि को देखते हुए तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई और जवानों ने इलाके में घेराबंदी शुरू कर दी। जैसे ही वह व्यक्ति तारबंदी के पास भारतीय सीमा में दाखिल हुआ, बीएसएफ जवानों ने उसे दबोच लिया। सामने हथियारबंद जवानों को देखकर वह घबरा गया और भागने का प्रयास नहीं कर सका।
पकड़े गए व्यक्ति को तत्काल नजदीकी बॉर्डर आउट पोस्ट लाया गया, जहां प्राथमिक पूछताछ की गई। पूछताछ में उसकी पहचान इशरत (35) पुत्र राणा मोहम्मद असलम के रूप में हुई है। उसने खुद को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा जिले का निवासी बताया। प्रारंभिक पूछताछ में वह सहमा हुआ नजर आया और उसके बयान बार-बार बदलते रहे, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और बढ़ गई।
बीएसएफ सूत्रों के मुताबिक, तलाशी के दौरान उसके पास से कोई हथियार, नक्शा, दस्तावेज या अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई है। हालांकि, उसका अस्थिर व्यवहार और लगातार बदलते बयान कई सवाल खड़े कर रहे हैं।
सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत घुसपैठिए का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है, ताकि उसकी मानसिक स्थिति की पुष्टि हो सके। इसके साथ ही बीएसएफ, पुलिस और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त टीम उससे गहन पूछताछ कर रही है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे नाचना थाना पुलिस को सौंपा जाएगा।
जैसलमेर जिला पहले भी जासूसी गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में रहा है। वर्ष 2025 में अब तक जिले में पांच संदिग्ध जासूस पकड़े जा चुके हैं, जिनमें सरकारी कर्मचारी, निजी संस्थानों से जुड़े लोग और स्थानीय निवासी शामिल रहे हैं। इन घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों को और चौकन्ना कर दिया है।