जैसलमेर

अच्छी खबर: पचपदरा रिफाइनरी को रेल नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी पूरी, खुलेंगे रोजगार के नए अवसर

उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने पचपदरा रिफाइनरी को रेल नेटवर्क से जोड़ने की योजना तैयार कर ली है। DRM अनुराग त्रिपाठी ने बताया, तकनीकी प्रक्रिया लगभग पूरी है। यह प्रोजेक्ट माल ढुलाई बढ़ाकर रेलवे और राजस्थान दोनों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद होगा।
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Oct 06, 2025
Pachpadra Refinery
Pachpadra Refinery

जैसलमेर: उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने पचपदरा रिफाइनरी को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की योजना तैयार कर ली है। लगभग सभी तकनीकी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। जोधपुर के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अनुराग त्रिपाठी ने ‘अमृत संवाद’ कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी दी।


त्रिपाठी ने बताया कि रेलवे की ओर से जो भी साइडिंग या कनेक्शन की जरूरत होगी, उसे उपलब्ध कराया जाएगा। इस संबंध में कंपनी को प्रस्ताव भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि रिफाइनरी से जुड़े पावर टर्मिनल के पट्टे, किराए और अन्य दायित्वों पर भी चर्चा हुई है।


अधिकारियों ने बताया कि यह प्रोजेक्ट न केवल रेलवे के लिए बल्कि पूरे राजस्थान के आर्थिक विकास के लिए फायदेमंद होगा। रिफाइनरी शुरू होने के बाद माल ढुलाई बढ़ने से रेलवे की आमदनी बढ़ेगी और क्षेत्रीय विकास को नया बल मिलेगा।


त्रिपाठी ने यह भी कहा कि उत्तर पश्चिम रेलवे के पूरे 5,500 किलोमीटर नेटवर्क को एंटी-कोलिजन ‘कवच’ सिस्टम से लैस किया जा रहा है। फिलहाल, जोधपुर-जयपुर रेल मार्ग पर यह काम चल रहा है, जल्द ही बीकानेर और अजमेर मंडलों में भी शुरू होगा।


उन्होंने बताया कि देश में जल्द ही बुलेट ट्रेनें दौड़ती नजर आएंगी। नागौर जिले में बन रही देश की पहली हाई-स्पीड रेलवे टेस्टिंग ट्रैक पर तेजी से काम चल रहा है। 64 किलोमीटर लंबी यह ट्रैक हाई-स्पीड, सेमी हाई-स्पीड और मेट्रो ट्रेनों की रफ्तार और स्थिरता की जांच के लिए तैयार की जा रही है।


'स्टेशन पर यात्री सुविधाओं में सुधार हो'


मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य रेल प्रशासन और नागरिकों के बीच सीधे संवाद की सशक्त कड़ी स्थापित करना है। इस माध्यम से यात्रियों की समस्याएं, सुझाव एवं अपेक्षाएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचती हैं, जिन पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई की जाती है।


उन्होंने कहा कि अमृत संवाद पहल का उद्देश्य पंच प्रण की भावना को साकार करते हुए नागरिक सहभागिता के माध्यम से भारतीय रेल को और अधिक आधुनिक, स्वच्छ, यात्री-अनुकूल एवं जन-केंद्रित बनाना है।

सेटी सेमिनार का भी आयोजन


संवाद कार्यक्रम के दौरान इंजीनियरिंग, ऑपरेटिंग, सिग्नल एवं यांत्रिक विभाग के रेलकर्मियों के साथ सुरक्षा सेमिनार का भी आयोजन किया गया। इसमें कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों के पालन, सतर्कता एवं उच्च सुरक्षा व्यवहार अपनाने पर बल दिया गया। विभागीय अधिकारियों ने रेल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।


प्रस्तावों को पूर्ण करने का आश्वासन


कार्यक्रम के दौरान स्टेशन पुनर्विकास कार्य, यात्री सुविधाओं में सुधार, स्वच्छता एवं स्टेशन के सौंदर्यीकरण से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जैसलमेर से जयपुर, दिल्ली, बीकानेर आदि प्रमुख शहरों तक सीधी ट्रेन कनेक्टिविटी की मांग भी रखी।


इन सुझावों पर मंडल रेल प्रबंधक ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कई प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम का संचालन राजकुमार जोशी ने किया।


इस अवसर पर स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं राजेंद्र अवस्थी, ऋषि तेजवानी, अरुण पुरोहित, ओमप्रकाश, कमल ओझा, बाबूलाल शर्मा, सवाई सिंह व रेलवे के अधिकारी मंडल इंजीनियर विक्रम सिंह, सहायक वाणिज्य प्रबंधक सुरेंद्र सिंह, वरिष्ठ जनसंपर्क निरीक्षक पुरुषोत्तम परवाल, वाणिज्य निरीक्षक मानकाराम सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे।

Updated on:
06 Oct 2025 01:31 pm
Published on:
06 Oct 2025 01:30 pm