
रामदेवरा. बाबा रामदेव का 634वां अंतरप्रांतीय बाबा रामदेव मेला सप्तमी के अवसर पर परवान पर रहा। पदयात्रियों के जत्थे बाबा के जयकारे लगाते रामदेवरा पहुंच रहे है। मेला मैदान एवं आसपास के स्थानों पर श्रद्धालुओं का ही जमावड़ा लगा हुआ है। इन दिनों गांव से जुडऩे वाली सभी सडक़ों पर पदयात्रियों की व्यापक रेलमपेल लगी हुई है। प्रतिदिन हजारों पदयात्री ढोल नगाड़ों की थाप पर नाचते गाते रामदेवरा पहुंच रहे है। 20 से 25 दिनों तक लगातार पदयात्रा करने के बाद भी उनका जोश एवं उत्साह देखते ही बन रहा है। मेले के दौरान इन दिनों मध्यरात्रि बाद ही श्रद्धालुओं की लम्बी कतारें लग जाती है। रात्रि एक बजे के पश्चात् लगने वाली कतारें नोखा धर्मशाला तक पहुंच जाती है। अलसुबह तीन बजे मंदिर के द्वार खुलते ही श्रद्धालु बाबा रामदेव के जयकारे लगाते हुए मंदिर में प्रवेश करते है तथा बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन कर रहे है। रविवार को भी हजारों श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन किए। दर्शनों के बाद श्रद्धालुओं ने रामसरोवर, परचा बावड़ी, झूला पालना आदि का भ्रमण किया तथा बाजार से जमकर खरीदारी की। जिससे यहां चहल पहल देखने को मिली।
..ताकि न हो अप्रिय वारदात
मेले के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय वारदात नहीं हो व कानून एवं शांति व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए पुलिस की ओर से पर्याप्त जाब्ता तैनात किया गया है। लाइनों के पास, मंदिर परिसर, मेला चौक, रामसरोवर, रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड आदि जगहों पर सशस्त्र पुलिस बल तैनात है। मंदिर की छत पर भी एहतियात के तौर पर शस्त्रों के साथ पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है।
चढाई सात फीट लम्बी अगरबत्ती
बीकानेर से आए श्रद्धालुओं ने सात फीट लम्बी अगरबत्ती चढाकर पूजा-अर्चना की। बीकानेर से पार्षद भंवरलाल उपाध्याय के नेतृत्व में श्रद्धालु रामदेवरा पहुंचे। उन्होंने बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन कर सात फीट लम्बी अगरबत्ती चढाई और अमन, चैन व खुशहाली के लिए प्रार्थना की। लम्बी अगरबत्ती अन्य श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केन्द्र बनी रही।
छह फीट लम्बे ऊंचे घोड़े चढाए
हरियाणा व पंजाब से आए श्रद्धालुओं ने छह फीट ऊंचे घोड़े चढाए। हरियाणा व पंजाब से सैंकड़ों श्रद्धालु रामदेवरा पहुंचे। श्रद्धालु अपने साथ छह फीट ऊंचे कपड़े के घोड़े लेकर आए। घोड़ों को मेला चौक में रखा गया, जो आकर्षण का केन्द्र बने रहे। इसके बाद घोड़ों को मंदिर में चढाया।