- बिजली के सौ से ज्यादा खंभे धराशायी, शहर और गांवों में कई जगह टूटी लाइनें
अंधड़ और बारिश ने व्यवस्थाओं को दिया झटका, मामूली बारिश से शहर में भर गया पानी
जैसलमेर. बीती रात्रि को आए अंधड़ और तूफान और उनके प्रभाव से हुई बारिश ने जिले में बुनियादी व्यवस्थाओं को व्यापक तौर पर प्रभावित किया है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के एक सौ से ज्यादा खंभे धराशायी हो गए तो कई जगहों पर तार टूट गए। अनेक फीडर्स से बिजली आपूर्तिव्यवस्था गड़बड़ा गई। शहर में कई गली-मोहल्लों व क्षेत्रों में पूरी रात लोग बिजली को तरसते रहे।गांवों में तो हालात इतने विकट हैं कि विद्युत तंत्र को संभलने में दो-तीन दिन लगने की आशंका है। दूसरी ओर जैसलमेर शहर में अनेक मुख्य मार्गों पर बरसाती पानी जमा हो गया, जिससे वाहनों व पैदल राहगीरों की आवाजाही में दिक्कतें पेश आई। शहर में कुछस्थानों पर टिन-छप्पर भी उड़ गए तथा फ्लैक्स-बैनर फट गए।
बिजली गई तो लौटी नहीं
जिला मुख्यालय पर अंधड़ के चलते डिस्कॉम की व्यवस्थाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हुई। सोमवार रात्रि को करीब सवा नौ बजे बिजली गुल हो गई। कुछ फीडर्स के अंतर्गत आने वाली आवासीय कॉलोनियों व गली-मोहल्लों में तो बिजली व्यवस्था लगभग पूरी रात ठप रही।इन जगहों पर मंगलवार पूर्वाह्न तथा कुछस्थानों पर दोपहर बाद तक जाकर बिजली व्यवस्था सुचारू हो पाई।शहर में कई जगहों पर तार टूट जाने और बारिश के कारण लाइनों में फॉल्ट आ जाने के कारण डिस्कॉम के तकनीकी अधिकारी व कार्मिक पूरी रात व्यवस्थाओं को संभालने में जुटे रहे।डिस्कॉम के जैसलमेर खंड के अधिशासी अभियंता तरुण कुमार खत्री के अनुसार शहर व ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर एक सौ से ज्यादा खंभे धराशायी हो गए हैं। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्र में तो मंगलवार दोपहर तक बिजली व्यवस्था सुचारू कर दी गई लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में बिगड़ी व्यवस्था को पटरी पर लाने में समय लगेगा।
पानी जमा होने से परेशानी
मंगलवार तडक़े तेज गति के तूफान के तुरंत बाद आई बारिश का पानी शहर के कई मुख्य मार्गों में भर गया।सबसे ज्यादा परेशानियां एयरफोर्स मार्ग पर सेंट पॉल्स स्कूल के समक्ष, गड़ीसर चौराहा, पंचायत समिति सम मार्ग, ऑफिसर्स क्वाटर्स वाले मार्ग से गुजरने वाले वाहनों व पैदल राहगीरों को पेश आई।इसके अलावा गलियों में रूडीप की ओर से चलाए जा रहे सीवरेज लाइनों की खुदाई के चलते पहले से उबड़-खाबड़ मार्ग पूरी तरह से रपटीले हो गए।जिन पर से आवाजाही करने वालों को बेजा असुविधाएं झेलनी पड़ रही हैं।