
Rajasthan Rain Alert प्रदेश के कुछ जिलों में एक बार फिर मौसम ने पलटी मारी है, जिसके चलते नागौर, जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर और गंगानगर के कुछ इलाकों में अल सुबह हल्की बारिश हुई। दरअसल पाकिस्तान से जैसलमेर-जोधपुर तक बनी एक ट्रफ लाइन के चलते मौसम में यह बदलाव हुआ है। ऐसे में अजमेर, पाली और भीलवाड़ा में कहीं कहीं बूंदाबांदी की संभावना है।
जैसलमेरमें 2, जैसलमेर तहसील में 1 और बीकानेर में 0.2 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। प्रदेश में बीती रात संगरिया हनुमानगढ़ में सर्वाधिक सर्दी रिकॉर्ड की गई। यहां रात का तापमान 6 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं पिलानी न्यूनतम तापमान 6, सीकर और करौली में 7, अलवर में 8, श्रीगंगानगर में 8.4, फतेहपुर सीकरी में 8.5, चूरूऔर धौलपुर में 8.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि इस सिस्टम का असर आज शाम को खत्म हो जाएगा और आसमान साफ होने लगेगा।
जैसलमेर में हल्की धुंध
जैसलमेर की बात करें तो यहां सर्दी की कमीबेशी का वातावरण लगातार जारी है। मंगलवार को दिन में अच्छी धूप खिलने से लोगों को दो दिन पहले की अस्थायी ठंडक से राहत मिल गई वहीं बीती रात सर्दी का असर भी कम महसूस हुआ। मौसम विभाग ने मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री रिकॉर्ड किया, जबकि सोमवार को यह 23.7 डिग्री था। ऐसे ही बीती रात न्यूनतम तापमान 12.3 डिग्री दर्ज किया गया। यह उससे पहले की रात को यह 9 डिग्री तक गिर गया था। मंगलवार को दिन में धूप खिलने से सैलानियों के साथ आमजन को भी राहत मिली। सुबह के समय आकाश में हल्की धुंध देखी गई, जो बाद में साफ हो गई।
पोकरण में तेज सर्दी का दौर
पोकरण क्षेत्र में बदलते मौसम के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो रहा है। गत कुछ दिनों से तेज सर्दी का दौर चल रहा था। मंगलवार को सुबह भी तेज सर्द हवा के कारण लोगों की दिनचर्या देरी से शुरू हुई। सुबह तेज सर्द हवा के चलते लोगों को गर्म व ऊनी वस्त्र पहनकर घरों से निकलना पड़ा है और 9 बजे बाद बाजारों में चहल पहल देखी गई। हालांकि दोपहर में तेज धूप से कुछ राहत मिली, लेकिन 4 बजे बाद मौसम में फिर बदलाव देखने को मिला।
यह भी पढ़ें- जिले में कई जगह बारिश व बूंदाबांदी से फसलों को फायदा
आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू हो गई और मौसम धूप छांव का हो गया। साथ ही तेज शीतलहर भी चलने लगी। शाम ढलने के साथ सर्दी का असर बढ़ गया। बदलते मौसम के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। साथ ही मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या भी बढऩे लगी है।