UP News: उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे बनकर तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 जुलाई को लोकापर्ण करेंगे। एक्सप्रेस-वे की खासबात ये है कि हादसा होने से बचाएगा।
हाईवे पर तमाम हादसे ड्राइवर को झपकी आने से होते हैं। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के निर्माण में ऐसे हादसों से बचने का खास उपाय किया गया है। 296 किमी का यह एक्सप्रेस-वे ड्राइवर को नींद आने पर खुद ही जगा देगा। 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार के लिए बनकर तैयार इस सड़क के किनारों पर रेज्ड रिब लगाई गई हैं। नींद के झोंके में गाड़ी बहकी तो टायर दायीं या बायीं ओर रेज्ड रिब पर चढ़ेंगे। यह रिब गाड़ी को झकझोर देंगी और ड्राइवर जाग जाएगा।
देश में पहली बार किसी सड़क पर रेज्ड रिब लगाए गए हैं। यह 12 इंच चौड़ाई की थर्मोप्लास्टिक की पट्टी है, जिसे 50-50 सेंटीमीटर दूरी पर रोड मार्किंग के ऊपर लगाया गया है। रेज्ड रिब आठ मिमी मोटी है, जबकि रोड मार्किंग तीन मिमी की मोटाई में है। यानी अगर वाहन बहका तो वह 11 मिमी की पट्टी पर चढ़ेगा। रेज्ड रिब की वजह से गाड़ी में कंपन होगा। इससे ड्राइवर की झपकी टूट जाएगी। हादसे की संभावना न के बराबर रह जाएगी। एक्सप्रेस-वे बना रहे यूपीडा के पैकेज वन के सहायक अभियंता सरोज कुमार यादव ने बताया कि देश में अब तक बने एक्सप्रेस-वे की तुलना में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के सुरक्षा मानक सर्वोच्च हैं। रेज्ड रिब अब तक देश के किसी एक्सप्रेस-वे में नहीं लगाई गई हैं। इससे हादसे निश्चित तौर पर कम होंगे। इस एक्सप्रेस-वे में कहीं पर भी स्पीड ब्रेकर नहीं हैं। इसके अलावा आस्ट्रेलियन लेड बीट्स की रोड मार्किंग भी बेहतरीन है, जो हेडलाइट पड़ते ही तेजी से चमक उठेगा।
1984 में पहली बार इसका प्रयोग ब्रिटेन में किया गया।
थर्मोप्लास्टिक से निर्माण, कम लागत, ज्यादा टिकाऊ।
इसे बिछाने को विशेष मशीन का प्रयोग होता है।
कम दृश्यता में भी दूर से दृश्य, दिशा भ्रम नहीं होता है।