
उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एक शख्स ने अपनी पत्नी और ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाया है। जिले में आटा थाना क्षेत्र निवासी एक युवक ने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष के लोगों पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित युवक का कहना है कि पैसों के लेनदेन के विवाद में उसकी पत्नी और ससुराल के लोगों ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया।
पीड़ित युवक शहजादे के अनुसार, आर्थिक मामलों को लेकर उसका पत्नी ने से तनाव चल रहा है। विवाद बढ़ने पर कई बार समझौते और बातचीत के प्रयास भी किए गए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। धीरे-धीरे यह मतभेद इतना बढ़ गया कि युवक और उसके ससुराल वालों को बीच विवाद की स्थिति बन गई।
शहजादे ने बताया कि 7 मई को वह अपनी पत्नी को वापस घर ले जाने के उद्देश्य से उरई कोतवाली क्षेत्र में अपनी ससुराल पहुंचा था। इस दौरान पैसों के मुद्दे को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होने लगी। युवक का आरोप है कि इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई।
युवक ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान उसकी पत्नी और ससुराल पक्ष के कुछ लोगों ने मिलकर उसके ऊपर पेट्रोल डाल दिया और आग लगा दी गई। इस दौरान पीड़ित बुरी तरह झुलस गया। इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। शहजादे का दावा है कि यह हमला सुनियोजित था और उसे जान से मारने की नीयत से अंजाम दिया गया।
आग से गंभीर रूप से झुलसने के बाद शहजादे को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका लंबे समय तक इलाज चला। पीड़ित के अनुसार वह 15 मई से 29 मई तक अस्पताल में भर्ती रहा। युवक का कहना है कि शारीरिक दर्द के साथ-साथ मानसिक रूप से भी वह बुरी तरह टूट चुका है। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी उसके शरीर पर झुलसने के निशान और घटना की भयावह यादें बनी हुई हैं।
घटना को याद करते हुए शहजादे भावुक हो गया। उसने कहा कि जिस व्यक्ति पर उसने सबसे ज्यादा भरोसा किया, उसी ने उसके साथ ऐसा व्यवहार किया जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी। पीड़ित ने कहा- मैं आज जिंदा हूं, लेकिन खुद को जिंदा लाश जैसा महसूस करता हूं। जिस दर्द और तकलीफ से मैं गुजरा हूं, उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। पैसों के विवाद में कोई किसी की जान लेने की कोशिश करेगा, यह मैंने कभी नहीं सोचा था।
स्वास्थ्य में कुछ सुधार होने के बाद शहजादे सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा। वहां उसने एक विस्तृत शिकायती पत्र सौंपकर पत्नी और ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। पीड़ित का कहना है कि यदि समय पर उपचार और सहायता नहीं मिलती तो उसकी जान भी जा सकती थी। उसने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई करने की मांग की है।
मामले को लेकर पुलिस ने बताया कि पीड़ित की शिकायत प्राप्त हो चुकी है और पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस ने कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता जानने के लिए सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पुलिस घटना से जुड़े साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट और संबंधित पक्षों के बयान एकत्र कर रही है। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।