जालोर

गणपत सिंह हत्याकांड: कत्ल के बाद बीवी को लेकर जोधपुर भागा कातिल, पुलिस को उलझाने के लिए रचा ससुर की बीमारी का ड्रामा

Ganpat Singh Murder Case: जालोर में गणपत सिंह हत्याकांड में आरोपी गजेंद्र ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। वारदात के बाद वह पत्नी के साथ जोधपुर पहुंचा और तीन दिन वहीं रहा।
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Mar 20, 2026
Ganpat Singh Murder Case Jalore
मृतक गणपत सिंह (फोटो- पत्रिका)

Ganpat Singh Murder Case Jalore: राजस्थान के जालोर जिले में हुए सनसनीखेज गणपत सिंह हत्याकांड में चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। मुख्य आरोपी गजेंद्र सिंह ने न केवल बेरहमी से हत्या की वारदात को अंजाम दिया, बल्कि पुलिस की जांच को भटकाने के लिए एक सोची-समझी साजिश भी रची थी।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने वारदात के बाद खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए लोकेशन बदलने और सहानुभूति बटोरने का सहारा लिया। जांच में सामने आया है कि 27 अगस्त की रात को जब गणपत सिंह की हत्या हुई, तब आरोपी गजेंद्र मांडोली गांव में ही मौजूद था। अपनी संलिप्तता छुपाने के लिए वह अगली सुबह यानी 28 अगस्त को तड़के ही अपनी पत्नी के साथ जोधपुर के लिए रवाना हो गया।

जब पुलिस ने उससे पूछताछ की, तो उसने बड़ी चतुराई से दलील दी कि उसके ससुर की तबीयत खराब थी और उसे अपनी गाड़ी की सर्विस भी करवानी थी। इसलिए वह शहर से बाहर था। हालांकि, पुलिस ने जब कड़ियों को जोड़ना शुरू किया, तो उसकी यह 'थ्योरी' धराशायी हो गई।

जोधपुर में रहकर रची गिरफ्तारी की मांग की रणनीति

आरोपी गजेंद्र तीन दिनों तक जोधपुर में ही रहा। इस दौरान वह लगातार मांडोली के ग्रामीणों और परिचितों के संपर्क में था। खुद पर शक न हो, इसके लिए वह फोन पर हत्या की घटना के प्रति भारी आक्रोश जाहिर करता रहा।

इतना ही नहीं, वह लोगों को हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए उकसाता रहा, ताकि वह खुद को एक शुभचिंतक के रूप में पेश कर सके।

हथियार बरामदगी और सह-आरोपियों की तलाश

मामले में शामिल महिला आरोपी को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जोधपुर जेल भेज दिया गया है। जांच अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी से रिमांड के दौरान कड़ी पूछताछ की जा रही है।

पुलिस का मुख्य फोकस अब हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी और इस साजिश में शामिल अन्य संभावित आरोपियों की पहचान करने पर है।

मामले में अहम बिंदु

  • लोकेशन शिफ्ट: वारदात के तुरंत बाद आरोपी का जोधपुर जाना एक सुनियोजित कदम था।
  • फोन कॉल रिकॉर्ड्स: तीन दिनों तक मांडोली के लोगों से बातचीत कर वह गांव की हर हलचल पर नजर रख रहा था।
  • जांच का दायरा: पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस हत्याकांड के पीछे गजेंद्र के अलावा किसी और का भी हाथ था।

फिलहाल, पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से सच उगलवाने का प्रयास कर रही है ताकि हत्याकांड की पूरी कड़ियां स्पष्ट हो सकें।

हत्या के इस प्रकरण में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के आधार पर तथ्य सामने आने पर उसके अनुसार जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
-भूपेंद्र सिंह, जांच अधिकारी

Updated on:
20 Mar 2026 02:51 pm
Published on:
20 Mar 2026 02:51 pm