Jalore Protest: मंगलवार की दोपहर बाद बड़ी संख्या में वाहनों से झाब के ग्रामीण जालोर कलक्टर कार्यालय पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने झाब पंचायत समिति को खत्म कर भादरुणा पंचायत समिति बनाने का जमकर विरोध जताया।
जालोर। झाब पंचायत समिति को संशोधित नोटिफिकेशन के तहत निरस्त कर भादरुणा को पंचायत समिति बनाने की घोषणा के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण मंगलवार दोपहर को जालोर पहुंचे। भारतमाला एक्सप्रेस-वे के माध्यम से बागोड़ा रोड से होकर सैकड़ों की संख्या में लोग जिला मुख्यालय पहुंचे। पंचायत समिति से रेलवे स्टेशन, आहोर चौराहे तक पहुंचने पर तैनात जाब्ते से वाहनों को रुकवा दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने पैदल ही कलक्ट्रेट की ओर कूच किया।
भीड़ ने कलक्ट्रेट पहुंचने के साथ ही पुलिस के सुरक्षा घेरे को तोड़ने का प्रयास किया। उग्र भीड़ ने पहले ही प्रयास में एक छोर पर लोहे के बेरिकेट्स को गिरा दिया। सामने तैनात सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को धकेलने के लिए मशक्कत की। पुलिस के आला अधिकारी भी इस मशक्कत में शरीक हुए। भीड़ और पुलिस जाब्ते के बीच यह मशक्कत करीब 15 मिनट तक चली। बाद में पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर सुरक्षा घेरे को बहाल किया। धरने पर पहुंचे लोग कलक्टर को बाहर बुलाने की मांग करने लगे। इसके बाद प्रतिनिधि मंडल ने कलक्टर चैम्बर में जाकर झाब पंचायत समिति को बहाल करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
उग्र भीड़ में मौजूद कुछ युवक सुरक्षा घेरे को तोड़कर मुख्य गेट के सामने पहुंचे। यहां सुरक्षा में तैनात पुलिस जाब्ते ने इन्हें पकड़ लिया। युवक ने जोर आजमाइश की तो पुलिसकर्मियों ने उसके बाल से पकड़ लिए। बाद में उसे पुन: बेरिकेट्स के दूसरे छोर पर धकेल दिया गया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों की संख्या मौजूद भीड़ कलक्ट्रेट मुख्य मार्ग पर ही जम गई। संभावित हालात को देखते हुए यातायात पुलिस ने ट्रेफिक व्यवस्था को बदला। भारी वाहनों की आवाजाही के रास्ते बदले गए। भीड़ के एक छोर पर जमे होने के दौरान मार्ग का एक हिस्सा खुला हुआ था। धरना प्रदर्शन के दौरान भजन कीर्तन और कविताओं की प्रस्तुतियां भी युवाओं ने दी।
धरना प्रदर्शन के दौरान भाजपा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों का विरोध जताया। महेंद्रसिंह झाब ने कहा कि निर्णय जनभावना के विपरीत है। इसका परिणाम आगामी चुनावों में भुगतने पड़ेंगे। युवा मोर्चा मंडल के डूंगर सिंह ने कहा कि 'पुन: झाब को पंचायत समिति घोषित करें और जनमानस के हित में फैसला लें। मेरा दुर्भाग्य है, शायद अब पार्टी में अटल-आडवाणी वाली बात नहीं रही। सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा था- कार्यकर्ता की सुनूंगा, कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ है, ये कार्यकर्ता तो यहां खड़ा है और रीढ़ की हड्डी तोड़ी जा रही है।'
विरोध प्रदर्शन की अगली कड़ी में ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने मांग पर अमल नहीं होने पर प्रदेश कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा के दुपट्टे गले से उतारने के साथ विरोध स्वरूप उसे संगठन कार्यालय को भेजने का निर्णय लिया।