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जालोर के गजीपुरा की सामाजिक पंचायत को पलटना पड़ा फैसला, अब महिलाएं-बेटियां कर सकेंगी स्मार्टफोन का उपयोग

जालोर के जसवंतपुरा के गजीपुरा में सामाजिक पंचायत में महिलाओं के स्मार्टफोन के उपयोग पर रोक के मामले में पंचायत ने यू-टर्न ले लिया।

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Dec 25, 2025
फोटो पत्रिका

जालोर। जसवंतपुरा के गजीपुरा में सामाजिक पंचायत में महिलाओं के स्मार्टफोन के उपयोग पर रोक के मामले में पंचायत ने यू-टर्न ले लिया। पंचों ने स्मार्ट फोन चलाने पर लगाई रोक को वापस ले लिया। इससे पूर्व चौधरी समाज सुंधामाता पट्टी में 21 दिसंबर को गजीपुरा गांव में बैठक हुई थी। इस बैठक में 15 गांव की बहू-बेटियों को 26 जनवरी से स्मार्ट फोन उपयोग करने पर बैन लगाया गया था।

फैसला सोशल मीडिया पर छाया और इस निर्णय का सामाजिक स्तर पर विरोध भी हुआ। चर्चा में आए इस तुगलकी फैसले को लेकर दोबारा गजीपुरा गांव में पंचों की बैठक आयोजित हुई और इस फैसले को रद्द करने के आदेश जारी किए गए। पंच नाथाराम ने कहा कि समाज हित में मोबाइल फोन के संयमित उपयोग की कड़ी में निर्णय लिया गया था, जिसे अब निरस्त किया गया है।

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इस तरह का था सुझाव और निर्णय

21 दिसंबर की बैठक में पंच हिम्मताराम ने फैसला पढ़कर सुनाया था। समाजबंधु देवाराम के प्रस्ताव पर समाज के पंच पटेलों ने यह निर्णय लिया था कि 15 गांवों की बहू-बेटियां कैमरे वाला एंड्रायड फोन उपयोग नहीं करेंगी। बल्कि फोन पर बात करने के लिए की-पैड वाला मोबाइल रखेंगी। अध्ययनरत बालिकाओं के लिए यदि मोबाइल रखना अगर जरूरी होगा तो वे अपने घर में ही मोबाइल से पढ़ाई करेंगी। वे घर में ही मोबाइल का यूज कर सकेंगी। शादी समारोह, सामाजिक कार्यक्रम और पड़ोसी के घर पर भी मोबाइल नहीं ले जा सकती है।

यह दी गई थी सफाई

पंच पटेलों का कहना था कि समाज की महिलाओं ने बताया कि बच्चे स्कूल से आने के बाद मोबाइल देखने व्यस्त हो जाते हैं। इससे वे खाना तक नहीं खाते और अध्ययन कार्य भी बाधित होता है। दिनभर मोबाइल देखने से आंखें भी खराब हो रही हैं। इस स्थिति में महिलाओं और बेटियों को एंड्रायड फोन के उपयोग नहीं करने पर निर्णय लिया गया। महिलाएं घर पर रहती हैं और स्कूल से आने के बाद बच्चे उनका मोबाइल यूज करते हैं। ये फैसला बच्चों के लिए था। ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी पर इसका असर न हो। साइबर फ्रॉड के मामले आ रहे हैं। महिलाओं और बच्चियों के साथ शोषण हो रहा है। इसी कड़ी में यह निर्णय 26 जनवरी से लागू करने का निर्णय था।

इस तरह लिया गया यू-टर्न

चौधरी समाज 14 पट्टी के पंच पटेलों की बैठक का आयोजन किया गया। 14 पट्टी समाज अध्यक्ष सुजानाराम चौधरी ने कहा कि फोन के संयमित उपयोग के लिए यह निर्णय लिया गया था, लेकिन इसे लेकर नकारात्मकता फैलाई गई। इसी कारण से इसे रद्द किया गया है। बता दें सामाजिक पंचायत के इस निर्णय को लेकर राजस्थान पत्रिका ने प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था।

Updated on:
25 Dec 2025 07:44 pm
Published on:
25 Dec 2025 07:39 pm
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