जालोर

जालोर को बड़ी राहत: 22 मई से नर्मदा का पानी फिर शुरू, 300 गांवों की सप्लाई होगी बहाल

जालोर। जिले के लिए राहत की खबर है। 1 मई से बंद नर्मदा परियोजना का क्लोजर पूरा होने के बाद 22 मई सुबह मुख्य केनाल में पानी छोड़ा जाएगा। रविवार तक पानी तैतरोल फिल्टर प्लांट पहुंचेगा, जिससे 300 गांवों और शहरों में जलापूर्ति फिर सामान्य होने लगेगी।
2 min read
May 22, 2026
Jalore Narmada Water
सूखने के कगार पर नर्मदा मुख्य केनाल में शुक्रवार सवेरे से छोड़ा जाएगा पानी। फोटो। पत्रिका

जालोर। जिले के लिए राहत भरी खबर है। 1 मई से प्रभावी नर्मदा परियोजना का क्लोजर अब पूरा हो चुका है। इसके साथ ही 22 मई की सुबह मुख्य केनाल में दोबारा पानी छोड़ा जाएगा। पानी की आवक शुरू होने के बाद आगामी दो दिनों में यह करीब 44 किलोमीटर का सफर तय करते हुए रविवार सुबह तक जालोर के नर्मदा एफआर प्रोजेक्ट तक पहुंच जाएगा। करीब तीन सप्ताह से चले आ रहे क्लोजर के चलते जिले के कई क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगा था। ग्रामीण इलाकों में टैंकरों पर निर्भरता बढ़ गई थी तो शहरों में भी जलापूर्ति प्रभावित रही। अब पानी छोड़े जाने की सूचना से आमजन को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

स्टॉक टैंक का स्तर लगातार घटा

क्लोजर अवधि के दौरान नर्मदा एफआर प्रोजेक्ट के स्टॉक टैंक में पानी का स्तर लगातार नीचे जाता रहा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार शुरुआती दिनों में जहां टैंक में 6.50 मीटर का भंडारण था, वहीं धीरे-धीरे जलस्तर कम होता गया। वर्तमान में 2 मीटर के लगभग गेज है। हालात ऐसे बने कि कई जगहों पर सप्लाई प्रबंधन चुनौती बन गया। पिछले दिनों विभाग को सीमित उपलब्धता के आधार पर जल वितरण करना पड़ा।

दो दिन में पहुंचेगा पानी

मुख्य केनाल में पानी छोड़े जाने के बाद उसका प्रवाह विभिन्न चरणों से गुजरते हुए नर्मदा एफआर प्रोजेक्ट तक पहुंचेगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार पानी को 44 किलोमीटर का सफर तय करने में लगभग दो दिन लगेंगे। यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा तो रविवार सुबह तक प्रोजेक्ट में पानी की आवक शुरू हो जाएगी। इसके बाद फिल्टर प्लांट और वितरण व्यवस्था को सुचारू कर नियमित जलापूर्ति बहाल करने की प्रक्रिया शुरू होगी।

गर्मी में बढ़ी परेशानी

मई माह में भीषण गर्मी के बीच क्लोजर अवधि ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी। जालोर जिले में लगातार 41 डिग्री से अधिक तापमान दर्ज होने के कारण पानी की मांग बढ़ गई थी। ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप और स्थानीय स्रोत भी जवाब देने लगे। महिलाओं को दूर-दूर से पानी लाना पड़ा तो कई गांवों में सुबह से से ही टंकियों के पास भीड नजर आने लगी। शहरों में भी लोग पानी के सीमित उपयोग को मजबूर हुए।

विभाग का दावा, जल्द सामान्य होगी सप्लाई

जलदाय विभाग का कहना है कि मुख्य केनाल में पानी छोड़े जाने के बाद चरणबद्ध तरीके से सप्लाई व्यवस्था को सामान्य किया जाएगा। पहले स्टॉक टैंक को भरने पर फोकस रहेगा, उसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में नियमित वितरण शुरू किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि क्लोजर अवधि में मरम्मत और तकनीकी कार्य पूरे किए गए हैं ताकि आगामी समय में सप्लाई बाधित नहीं हो।

आरडी-44 पर तैतरोल प्लांट

जालोर जिला मुख्यालय समेत 300 गांव कस्बों से जुड़े एफआर प्रोजेक्ट की निर्भरता तैतरोल में बने फिल्टर प्लांट पर है। इस प्लांट तक रविवार सुबह 44 किलोमीटर सफर तय कर पानी पहुंचेगा। विभागीय जानकारी के अनुसार मुख्य केनाल में पानी का लेवल 2.5 से 3 मीटर होने पर पानी की तैतरोल प्लांट के लिए पंपिंग शुरु हो जाएगी।

नर्मदा क्लोजर पूरा हो चुका है और मरम्मत और रखरखाव कार्य अंतिम चरण में है। 22 मई सुबह गुजरात से केनाल में पानी छोड़ा जाएगा। -अनिल कैथल, एक्सईएन, नर्मदा सिंचाई परियोजना

शुक्रवार सुबह से नर्मदा केनाल में पानी छोड़ा जाएगा। जालोर शहर समेत गांव कस्बों से जुड़े प्रोजेक्ट के लिए पानी दो दिन में मुहैया हो पाएगा। -विपुल कुमार, एईएन, नर्मदा एफआर प्रोजेक्ट

Updated on:
22 May 2026 06:45 pm
Published on:
22 May 2026 06:45 pm